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अधिकारियों के वादे को छलावा मान रहे हैं श्रमिक, कम वेतन और उत्पीड़न बना उग्र प्रदर्शन का कारण

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अधिकारियों के वादे को छलावा मान रहे हैं श्रमिक, कम वेतन और उत्पीड़न बना उग्र प्रदर्शन का कारण


नोएडा, 13 अप्रैल (हि.स.)। वेतन बढ़ोतरी और अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों का गुस्सा काफी उग्र है। इसकाे लेकर हमारे संवाददाता ने कुछ लोगों से बातचीत की।

नोएडा में विरोध प्रदर्शन करने वालों में शामिल लक्ष्मी कहती हैं, मैं मदरसन में काम करती हूं। वे हमें कम सैलरी दे रहे हैं। हम ज़्यादा सैलरी चाहते हैं। जब हमने धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया, तो उन्होंने बिना हमारी किसी गलती के हमें पीटा। सिलिंडर, सब्जियां और हर सामान महंगा हो गया है। आज जब हमने विरोध किया, तो हमें पीटा गया। मेरे पैरों पर चोट लगी। मेरी मांग है कि हमें सैलरी के तौर पर 20,000 रुपये दिए जाएं। तभी हम अपना गुजारा कर पाएंगे, वरना यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

नोएडा के सेक्टर दो स्थित एक कंपनी में काम करने वाले कृष्ण कुमार गौतम ने बताया कि श्रमिकों के धरना प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन और श्रम विभाग उनकी हर मांगों को मारने को तैयार है। श्रमिकों का मान- मनोबल किया जा रहा है, लेकिन ये अधिकारी वर्षों से हो रहे श्रमिकों के उत्पीड़न पर आंख बंद करके बैठ रहे। बार-बार आवाज उठाने के बावजूद भी ये लोग श्रमिकों के हित में कोई कदम नहीं उठाए। उनके अनुसार कंपनी मालिकों के साथ आए दिन इनकी बैठकर होती हैं। उनकी समस्याओं का निदान यह करने का दावा करते हैं। लेकिन श्रम विभाग और जिला प्रशासन के लोग कंपनी मालिकों से मोटा उपहार लेकर श्रमिकों का उत्पीड़न करने में उनका सहयोग करते रहते हैं। उनके अनुसार यही कारण है कि जिला प्रशासन या श्रम विभाग के किसी भी अधिकारी की अपील पर श्रमिक विश्वास नहीं कर रहे हैं। उन्हें यह सिर्फ छलावा लग रहा है।

नोएडा के सेक्टर 63 स्थित कंपनी में काम करने वाले रामसेवक ने बताया कि वह 20 वर्ष पूर्व बिहार से नोएडा में नौकरी करने के लिए आए। वह चोटपुर कॉलोनी में रहते हैं। उनके अनुसार गैस की कालाबाजारी बढ़ने के चलते उनके घर में खाना नहीं बन रहा है। महंगाई दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ रही है, लेकिन कंपनी के मालिक उनका वेतन नहीं बढ़ा रहे हैं। सेक्टर 63 के ही एक कंपनी में काम करने वाली एक महिला ने नाम में छपने के शर्त पर बताया कि उनका मानसिक शारीरिक उत्पीड़न कंपनी के मैनेजमेंट के द्वारा किया जाता है। महिला के अनुसार विरोध करने पर उन्हें बेइज्जत करके कंपनी से निकाल दिया गया। उनके अनुसार जब उन्होंने कंपनी के आला अधिकारियों से शिकायत की तो उनकी एक न सुनी गई। इसी तरह से ईकोटेक -3 क्षेत्र में स्थित एक ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी में काम करने वाले युवक प्रवीन शुक्ला ने कहा कि महंगाई इतनी बढ़ गई है कि 12 से 15 हजार रुपये में गुजारा नहीं हो रहा है। बार-बार कहने के बावजूद भी कंपनी के प्रबंधन उनका वेतन नहीं बढ़ा रहा है। ज्यादा बोलने पर यह लोग कंपनी से श्रमिकों को निकाल देते हैं।

ग्रेटर नोएडा में प्रदर्शन कर रहे श्रमिक प्रीतम सिंह ने बताया कि उन्हें ओवरटाइम का भी पैसा नहीं मिलता है। लगातार 11 महीने नौकरी करने पर 1000 बोनस के तौर पर दिया जाता था। जिसको अब 900 रुपये कर दिया गया। इसके साथ ही आठ घंटे की नौकरी की जगह 10 घंटे की नौकरी कराई जाती और बढ़ा हुआ पैसा भी नहीं मिलता है। उन्होंने बताया कि जो रेगुलर कंपनी में काम कर रहे हैं उन्हें उनका 6000 बढ़ा हुआ वेतन दिया गया और हमारा पैसा बढ़ाने में आनाकानी की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी