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महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दलों का राजनीतिक भविष्य अंधकारमय: केशव प्रसाद मौर्य

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महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दलों का राजनीतिक भविष्य अंधकारमय: केशव प्रसाद मौर्य


लखनऊ, 17 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार काे कहा कि यह सोलह आने सच है कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दलों का राजनीतिक भविष्य अंधकारमय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश की बागडोर संभालने के बाद न केवल नारी का सम्मान बढ़ा है, बल्कि वह अपने अधिकारों के साथ निरंतर विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रही है।

उप मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध और मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों की सच्चाई अब जनता समझ चुकी है। इसमें अव्वल सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हैं। लोकसभा में महिला आरक्षण में पिछड़ी वर्ग की महिलाओं के साथ मुस्लिम महिलाओं को जोड़ने की मांग करना उनकी 'वोट बैंक' की घटिया राजनीति है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा मुखिया अगर वाकई पिछड़ा वर्ग के हितैषी होते, तो वे संसद में ओबीसी/ ईबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण की मांग करते। तब इसका सीधा मतलब सैफई खानदान की राजनीति का अंत होना होता। अखिलेश यादव बेहतर तरीके से जानते हैं कि लोकसभा में 27 फीसदी पिछड़ा वर्ग व अति पिछड़ा वर्ग आरक्षण लागू होने से केवल उत्तर प्रदेश में ही उनकी टक्कर के सैकड़ों नए नेताओं की नर्सरी तैयार हो जाएगी। इससे उनकी अपनी 'परिवारवादी' राजनीति पर ग्रहण लग जाएगा। सपा-कांग्रेस-राजद-टीएमसी-वामपंथ सब धोखा हैं। भाजपा है, तो भरोसा है। मोदी जी हैं, तो सब चोखा है।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन