महिला आरक्षण विधेयक को मूल स्वरूप में तत्काल लागू किया जाए : अमिताभ बाजपेयी
कानपुर, 12 जुलाई (हि.स.)। संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण, जनगणना और परिसीमन से जोड़े बिना मूल स्वरूप में तत्काल लागू किया जाना चाहिए। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाएगी। यह बातें रविवार को आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमिताभ बाजपेयी ने महिला आरक्षण विधेयक के संबंध में ज्ञापन प्राप्त करने के दौरान कहीं।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के पदाधिकारियों और विभिन्न महिला संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक अमिताभ बाजपेयी को महिला आरक्षण विधेयक के संबंध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया से अलग रखते हुए तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि महिला आरक्षण को अन्य प्रक्रियाओं से जोड़ने के कारण इसके क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी हो रही है। इसलिए विधेयक को उसके मूल स्वरूप में लागू कर महिलाओं को शीघ्र राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।
विधायक अमिताभ बाजपेयी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ज्ञापन में उठाई गई मांगों को उचित स्तर पर प्रमुखता से रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े हर मुद्दे पर वह सदैव उनके साथ खड़े रहेंगे।
इस अवसर पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की प्रदेश सचिव सीमा कटियार, जिला सचिव नीलम तिवारी, जिला अध्यक्ष सुधा सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

