विपक्ष का नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण व महिलाओं का अपमान: उद्योग व्यापार संगठन
प्रयागराज, 14 मई (हि.स)। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विपक्ष के विरोध में गुरूवार को प्रदेश की राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी कार्यालय में एडीएम प्रशासन को निंदा प्रस्ताव का ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों ने कहा कि विपक्ष की ओर से इस अधिनियम को सिर्फ अपने राजनीतिक लाभ के दृष्टिकोण से देखते हुए विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण और महिलाओं का अपमान करना है।
ज्ञापन सौंपते हुए उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष सुनील केसरवानी सोनू एवं प्रवक्ता राजेश केसरवानी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 लागू करने के लिए लाया गया महिला आरक्षण बिल 2026 एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल है। इसके लागू होने से देश की महिलाओं की आवाज पूरे देश में पहुंचेगी और विधि निर्माण की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी मजबूत होगी।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक सशक्त माध्यम है। जो महिलाओं की गरिमा स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करेगा। यह बिल महिलाओं को शिक्षा रोजगार सुरक्षा तथा निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में अधिक भागीदारी सुरक्षित करने का मार्ग प्रशस्त करता है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन स्पष्ट करना चाहता है कि महिलाओं के अधिकारों का प्रश्न किसी एक दल या विचारधारा का विषय नहीं बल्कि यह पूरे राष्ट्र की विकास और प्रगति से जुड़ा हुआ मुद्दा है। जब महिलाएं सशक्त होंगी तभी समाज और राष्ट्र का निर्माण होगा, अतः इस प्रकार की सकारात्मक और प्रगतिशील कदमों का समर्थन करना प्रत्येक जनप्रतिनिधि और नागरिकों का कर्तव्य होना चाहिए। हमारा संगठन विपक्ष द्वारा नारी शक्ति अधिनियम के विरोध की कड़े शब्दों में निंदा करता है। और आग्रह करता है कि इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए आवश्यक संसाधन जागरूकता अभियान एवं निगरानी तंत्र सुनिश्चित कराएं।
इस अवसर पर राजेश केसरवानी, राजेंद्र गुप्ता पिंटू, राजकुमार केसरवानी, रोशनी अग्रवाल, शत्रुघ्न जायसवाल, अजय अग्रहरि, राजेश गुप्ता, गौरव गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

