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मेट्रो के हर विभाग में महिलाओं की अहम भूमिका : सुशील कुमार

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मेट्रो के हर विभाग में महिलाओं की अहम भूमिका : सुशील कुमार


कानपुर, 07 मार्च (हि.स.)। महिलाएं आज हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और मेट्रो के विभिन्न विभागों में भी उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी है। यूपीएमआरसी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि मेट्रो परिसर और ट्रेनें महिला यात्रियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित हों। यह बातें शनिवार को यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहीं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर यूपीएमआरसी ने “शक्ति मेट्रो” की शुरुआत की। प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने लखनऊ से हरी झंडी दिखाकर इस विशेष मेट्रो ट्रेन को रवाना किया। इसके साथ ही इसी तर्ज पर कानपुर और आगरा में भी इस विशेष मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरु हाे गया। इस मेट्रो ट्रेन के अंदर महिला उपलब्धियों को समर्पित विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है, जो सप्ताहभर तक यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगी।

कानपुर में गुरुदेव चौराहा मेट्रो स्टेशन से विशेष मेट्रो राइड का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान महिलाओं ने “शक्ति मेट्रो” में लगी प्रदर्शनी देखी, जिसमें कला, खेल, विज्ञान, राजनीति और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रमुख महिला हस्तियों की प्रेरणादायक कहानियों को प्रदर्शित किया गया है।

इस मौके पर मेट्रो अधिकारियों ने यात्रियों को महिलाओं की सुरक्षा के लिए किए गए विशेष इंतजामों की जानकारी भी दी। मेट्रो ट्रेन में आपात स्थिति के लिए पैसेंजर इमरजेंसी इंटरकॉम और पैनिक बटन की व्यवस्था है, जिससे यात्री सीधे ट्रेन ऑपरेटर से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा हर ट्रेन और स्टेशन पर बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी सेंट्रल सिक्योरिटी रूम से की जाती है। स्टेशनों पर महिला सुरक्षाकर्मी और महिला हाउसकीपिंग स्टाफ भी तैनात हैं।

महिला दिवस के अवसर पर कानपुर के बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन पर ‘शो योर टैलेंट’ कार्यक्रम के तहत संगीत संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें महिला प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आठ मार्च को इसी कार्यक्रम के तहत ओपन माइक और काव्य पाठ का आयोजन भी किया जाएगा।

यूपीएमआरसी के अनुसार मेट्रो के विभिन्न तकनीकी विभागों में भी महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। संस्था में हर तीन में से एक ट्रेन का संचालन महिला ट्रेन ऑपरेटर कर रही है, जबकि मेंटेनेंस, सिग्नलिंग और इलेक्ट्रिकल जैसे विभागों में भी बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप