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जिला अस्पताल में मंत्री का औचक निरीक्षण, बाहर की दवाएं लिखने पर जताई नाराजगी

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जिला अस्पताल में मंत्री का औचक निरीक्षण, बाहर की दवाएं लिखने पर जताई नाराजगी


बांदा, 05 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने शनिवार शाम करीब पांच बजे जिला अस्पताल का अचानक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखी। मंत्री के अचानक अस्पताल पहुंचने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने ट्रॉमा सेंटर सहित जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों और विभागों का जायजा लिया। उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवाइयों और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान कई लोगों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी शिकायतें मंत्री के सामने रखीं।

मंत्री को निरीक्षण के दौरान छह ऐसी पर्चियां मिलीं, जिनमें मरीजों को अस्पताल के बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए लिखा गया था। इसे लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जवाब मांगा और व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज और दवाइयों के लिए अनावश्यक रूप से बाहर भटकना नहीं चाहिए।

निरीक्षण के दौरान ओटी में पट्टी लगाने वाले एक कर्मचारी द्वारा रुपये लिए जाने की शिकायत भी सामने आई। बताया गया कि संबंधित कर्मचारी ने एक व्यक्ति से 300 रुपये लिए थे। शिकायत मंत्री तक पहुंचने के बाद तत्काल उक्त धनराशि वापस कराई गई।

मंत्री रामकेश ने सीएमओ, सीएमएस और चिकित्सकों को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य लोगों को बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। मरीजों और उनके परिजनों को दवा, जांच या इलाज के लिए परेशान न होना पड़े, यह सुनिश्चित करना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है।

वहीं बांदा के सीएमओ विजेंद्र कुमार ने भी बाहर की दवाएं लिखे जाने और कर्मचारियों द्वारा रुपये लिए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि जांच में यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार की जरूरत बताते हुए कहा कि वह इस संबंध में उपमुख्यमंत्री से भी बातचीत करेंगे और आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के लिए पत्र भेजेंगे। उन्होंने अधिकारियों को मरीजों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही न होने देने के निर्देश दिए।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह