वाराणसी नगर निगम ने शुरु किया 'स्वच्छता से संस्कार' अभियान
संदेश:स्वच्छता मजबूरी नहीं, जीवन की शैली; आचरण में आत्मसात करें संस्कार
वाराणसी, 01 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में नगर निगम ने शनिवार से 'स्वच्छता से संस्कार' अभियान की शुरूआत इंग्लिशिया लाइन स्थित भारतीय शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज से की। अभियान के जरिए विद्यार्थियों में संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल एक शारीरिक क्रिया या मजबूरी में किया जाने वाला काम नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन की एक ऐसी महान शैली है जो हमारी सोच और संस्कृति को दर्शाती है। जब सफ़ाई हमारी दिनचर्या में शामिल होकर आदत बन जाती है, तो वह 'संस्कार' का रूप ले लेती है।
एक माह (1 अगस्त से 31 अगस्त 2026) तक चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य शहर में स्वच्छता और नागरिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि नगर निगम के उपसभापति नरसिंह दास ने कहा कि स्वच्छता हमारे आचरण और संस्कारों में रची-बसी होनी चाहिए। जब हम स्वयं जागरूक होंगे, तभी अपने परिवार और समाज को प्रेरित कर सकेंगे। उन्होंने स्कूली बच्चों से अपील की कि यदि कोई गली-मोहल्ले में कचरा फेंकता है, तो उससे विनम्रतापूर्वक केवल कूड़ा गाड़ी में ही कचरा डालने का आग्रह करें।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि कचरा व्यर्थ नहीं, बल्कि एक मूल्यवान संसाधन है। यदि हम गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखें, तो गीले कचरे से जैविक खाद बनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता बनाए रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है। एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए स्वच्छता और यातायात नियमों की समझ होना आवश्यक है। कार्यक्रम में यातायात उपनिरीक्षक शिवबदन यादव ने भी विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी।
——जादूगर ने अद्भुत करतबों से बच्चों को किया मंत्रमुग्ध, मिलीं खूब तालियां
कार्यक्रम में शमशाद एवं अमित अग्रहरि ने प्रोजेक्टर के माध्यम से गीले कचरे से खाद बनाने की विधि समझाई। साथ ही कचरा प्रबंधन के लिए चार रंगों के डस्टबिन की उपयोगिता बताई । हरा (गीला कचरा), नीला (सूखा कचरा), लाल (सैनिटरी अपशिष्ट) और काला (चिकित्सा एवं खतरनाक कचरा)। इस अवसर पर जादूगर आदित्य रैना के हैरत अंगेज जादू के शो ने बच्चों का दिल जीत लिया। संचालन डॉ. आशुतोष पांडेय एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाचार्य डॉ. चारू चंद्र त्रिपाठी ने किया। इस दौरान भाजपा पार्षद सुशील गुप्ता 'योगी', अपर नगर आयुक्त दुर्गेश कुमार मिश्र, जोनल स्वच्छता अधिकारी क्षितिज मिश्रा, जनसम्पर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव, डॉक्यूमेंट मैनेजर प्रीति सिंह और आईईसी एक्सपर्ट सरिता तिवारी भी मौजूद रही।
—सफाई को दूसरों की जिम्मेदारी नहीं बल्कि खुद का कर्तव्य
इसी क्रम में शिवकरण सिंह गौतम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (भदैनी) में भी निगम की आईईसी टीम की ओर से 'स्वच्छता से संस्कार' नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि एक सुसंस्कृत व्यक्ति की पहचान केवल उसके पहनावे या बातचीत से नहीं होती, बल्कि इस बात से भी होती है कि वह अपने पर्यावरण के प्रति कितना संवेदनशील है। स्वच्छता किसी एक सरकारी अभियान या नियम-क़ायदे की मोहताज नहीं है। यह हमारे व्यक्तिगत आचरण और आत्म-अनुशासन का विषय है। जिस दिन हम सफाई को दूसरों की जिम्मेदारी न मानकर अपना व्यक्तिगत कर्तव्य समझने लगेंगे, उसी दिन 'स्वच्छता एक संस्कार' का सपना पूरी तरह साकार होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

