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वाराणसी : जिले में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता का दावा, सपा ने संकट का आरोप लगाकर किया प्रदर्शन

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वाराणसी, 12 जुलाई (हि.स.)। धान की रोपाई के दौर में उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में उर्वरक की उपलब्धता को लेकर प्रशासन और विपक्ष के दावे आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर जिला कृषि अधिकारी ने जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके और पोटाश की पर्याप्त उपलब्धता होने का दावा किया है, वहीं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने खाद की कमी, कालाबाजारी और तस्करी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।

जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने रविवार शाम को बताया कि जनपद की सभी साधन सहकारी समितियों तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। किसानों को उनकी जोत बही एवं मांग के अनुरूप पीओएस मशीन के माध्यम से निर्धारित सरकारी मूल्य पर उर्वरक वितरित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि खरीफ वर्ष 2025 (1 अप्रैल से 30 सितंबर) के दौरान जिले में 25,398 मीट्रिक टन यूरिया, 5,851 मीट्रिक टन डीएपी, 2,781 मीट्रिक टन एनपीके तथा 815 मीट्रिक टन पोटाश की खपत हुई थी।

वर्तमान खरीफ 2026 के लिए जिले को 24,584 मीट्रिक टन यूरिया, 6,850 मीट्रिक टन डीएपी, 2,498 मीट्रिक टन एनपीके तथा 915 मीट्रिक टन पोटाश वितरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके सापेक्ष 1 अप्रैल 2026 से अब तक जिले में 18,885 मीट्रिक टन यूरिया, 7,276 मीट्रिक टन डीएपी, 8,455 मीट्रिक टन एनपीके तथा 1,555 मीट्रिक टन पोटाश उपलब्ध कराया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि अब तक किसानों के बीच पीओएस मशीन के माध्यम से 3,355 मीट्रिक टन यूरिया, 1,922 मीट्रिक टन डीएपी, 922 मीट्रिक टन एनपीके तथा 157 मीट्रिक टन पोटाश का वितरण निर्धारित दरों पर किया जा चुका है।

जिला कृषि अधिकारी के अनुसार वर्तमान में जिले में 15,531 मीट्रिक टन यूरिया, 5,354 मीट्रिक टन डीएपी, 7,533 मीट्रिक टन एनपीके तथा 1,398 मीट्रिक टन पोटाश का स्टॉक उपलब्ध है। यह जुलाई माह के फेजिंग लक्ष्य के सापेक्ष क्रमशः 193 प्रतिशत यूरिया, 138 प्रतिशत डीएपी, 544 प्रतिशत एनपीके तथा 267 प्रतिशत पोटाश की उपलब्धता दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद के किसी भी क्षेत्र में उर्वरक की कोई कमी नहीं है।

वहीं दूसरी ओर, रविवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सिगरा थाना क्षेत्र के समीप अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि धान की रोपाई के मौसम में किसानों को यूरिया, डीएपी और पोटाश पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही है। उन्होंने खाद की कालाबाजारी और तस्करी पर रोक लगाने की मांग करते हुए अपनी मांगों का ज्ञापन सिगरा थाना प्रभारी को सौंपा।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी