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वैशाख पूर्णिमा पर नमामि गंगे ने जगाई स्वच्छता की अलख, गंगा को स्वच्छ रखने का दिया संदेश

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वैशाख पूर्णिमा पर नमामि गंगे ने जगाई स्वच्छता की अलख, गंगा को स्वच्छ रखने का दिया संदेश


—बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध के पर्यावरण संरक्षण के संदेश को अपनाने की अपील

वाराणसी, 01 मई (हि.स.)। वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को नमामि गंगे के स्वयंसेवी सदस्यों ने वाराणसी के अस्सी घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान में भगवान बुद्ध के दिए गए पर्यावरण संरक्षण के संदेश को लाउडस्पीकर से जन-जन तक पहुंचाकर गंगा को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। इस दौरान गंगा घाट पर पहुंची नमामि गंगे की स्वयंसेवी टीम ने गंगा की तलहटी और किनारे पड़ी गंदगी को उठाकर कूड़ेदान तक पहुंचाया । पॉलिथीन कचरा तथा गंगा में श्रद्धालुओं द्वारा विसर्जित की गई पूजा सामग्री के अवशेषों को निकाला गया। श्रमदान में घाट पर मौजूद गंगा प्रेमी श्रद्धालुओं ने भी सहयोग किया। इस दौरान नमामि गंगे टीम ने सुबह ए बनारस के मंच पर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित नमामि गंगे परियोजना का विवरण दर्शाती पत्रिका का वितरण किया।

संयोजक राजेश शुक्ला ने बताया कि तथागत भगवान बुद्ध ने पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया है। वह कहते थे कि मनुष्य को अपने किसी भी कृत्य से पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। भारतीय जनजीवन में नदियों का महत्व इसी से जाना जा सकता है कि धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक, व्यापारिक, पर्यटन, स्वास्थ्य , कृषि, शैक्षिक, औषधि, पर्यावरण और न जाने कितने क्षेत्र हैं जो हमारी नदियों से सीधे-सीधे जुड़े हुए हैं। शुक्ला ने कहा कि हमारी पवित्र नदियां विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देती हैं वैसे ही भगवान बुद्ध का संदेश हमें सत्य, अहिंसा, प्रेम, करुणा और शांति के मार्ग पर चलकर मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देता है।

हम सब भगवान बुद्ध के सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात कर सामाजिक समरसता का संकल्प लें। आयोजन में पुष्पलता वर्मा, डॉ रत्नेश वर्मा, फैजल, अमन, शिव आदि ने भी भागीदारी की।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी