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भारतीय संस्कृति को सशक्त बनाने के लिए संस्कृत भाषा का प्रयोग जरूरी : गौरांग साहू

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भारतीय संस्कृति को सशक्त बनाने के लिए संस्कृत भाषा का प्रयोग जरूरी : गौरांग साहू


मुरादाबाद, 11 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ द्वारा शिव सुंदरी मोंटेसरी स्कूल कुमार कुंज में शनिवार को “गृहे गृहे संस्कृतम्” योजनान्तर्गत 12 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर का आयोजन उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के निदेशक प्रेमेंद्र कुमार गुप्त के प्रयास से किया गया। शान्ति-मन्त्र प्रशिक्षिका राधा रानी ने कराया। मुख्य अतिथि के रूप में स्कूल के निदेशक गौरांग साहू ने कहा कि भारतीय संस्कृति को सशक्त बनाने के लिए संस्कृत भाषा प्रयोग जरूरी है।

गौरांग साहू ने आगे बताया कि गृहे गृहे संस्कृतम् योजना के अन्तर्गत अप्रैल मासीय सरल संस्कृत भाषा शिक्षण कक्षा छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम जरूरी हैं। शिक्षिकाएं छात्राओं को सरल तरीके से संस्कृत बोलना, पढ़ना और लिखना सिखा रही हैं। विभिन्न गतिविधियों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।

प्रधानाचार्या अर्चना साहू ने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य छात्राओं को संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। संचालन प्रशिक्षिका राधा रानीऺ के द्वारा किया गया।

इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधक सुशील कुमार, प्रबंध समिति सदस्य राधिका साहू, निमित जायसवाल, लीनू अग्रवाल, नीतू सिक्का, पूजा पाठक सहित समस्त शिक्षक शिक्षार्थी, केंद्राध्यक्ष, अभिभावक सामाजिक संस्कृतानुरागी विद्वज्जन समुपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल