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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 'लखनऊ दर्शन' बस से महिलाओं ने की खुशियों की सैर

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 'लखनऊ दर्शन' बस से महिलाओं ने की खुशियों की सैर


पर्यटन के साथ सशक्तिकरण का संदेश दे रही 'लखनऊ दर्शन' बस सेवा- जयवीर सिंह

लखनऊ, 08 मार्च (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने महिलाओं के सम्मान में एक खास पहल की। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) द्वारा संचालित 'लखनऊ दर्शन' डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस में महिलाओं के लिए विशेष सैर का आयोजन किया गया। इस विशेष यात्रा में 60 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया। डॉक्टर, उद्यमी, प्राचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता, इंजीनियर से लेकर गृहणियों तक, समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं इस खास सफर का हिस्सा बनीं। 'नारी शक्ति' ने रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से इतर लखनऊ को एक नए अंदाज में देखा।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'यूपीएसटीडीसी की 'लखनऊ दर्शन' बस सेवा अब सिर्फ पर्यटन तक सीमित नहीं रह गई है। यह धीरे-धीरे ऐसा मंच बनती जा रही है जहां पर्यटन के साथ समाज जुड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह पहल आधी आबादी को 'शक्ति, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण' का संदेश देती है। इस विशेष टूर के माध्यम से महिलाओं को उनके व्यस्त दिनचर्या से कुछ पल सुकून के देने का प्रयास किया गया, जो प्रतिदिन समाज सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।'

यात्रा के दौरान सुनी ऊदा देवी की वीरगाथा

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर लखनऊ में महिलाओं के लिए आयोजित 'लखनऊ दर्शन' यात्रा यादगार बन गई। रविवार सुबह 08:30 बजे बस रवाना हुई, जो दोपहर 12 बजे भ्रमण के पश्चात गंतव्य पर लौट आई। इस दौरान अलग-अलग आयु वर्ग की महिलाओं ने डबल डेकर बस की ऊपरी मंजिल से शहर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को करीब से देखा। विधानसभा जाना और मुख्य सदन को देखना उनके लिए अविस्मरणीय रहा। रेजीडेंसी सहित अन्य स्थलों की सैर ने इतिहास से रूबरू कराया। यात्रा के दौरान गाइड ने यात्रियों को 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की महान योद्धा ऊदा देवी के वीरता की कहानी सुनाई। उन्होंने किस तरह अंतिम सांस तक अंग्रेजी सैनिकों से लोहा लिया। महिलाओं ने बताया कि रोजमर्रा की जिंदगी में जिन स्थानों के सामने से वे अक्सर गुजर जाती थीं, आज उन्हें ठहरकर देखने-समझने का मौका मिला।

डॉक्टर-मरीज बने 'परिवार'

विशेष भ्रमण का हिस्सा रहीं डॉ. अनन्या शर्मा ने कहा कि 'डॉक्टर होने के नाते उनका अधिकांश समय अस्पताल की जिम्मेदारियों में बीत जाता है। इस यात्रा ने उन्हें अपने लिए कुछ पल निकालने और अपने ही शहर की खूबसूरती को करीब से देखने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें मरीजों के साथ डॉक्टर की भूमिका से हटकर परिवार की तरह समय बिताने का भी मौका मिला।' इस यात्रा में शामिल मरीज कविता सिंह ने कहा कि 'लंबे समय तक अस्पताल की चारदीवारी के भीतर रहना कई बार अकेलापन महसूस कराता है, लेकिन आज 'लखनऊ दर्शन' बस के जरिए अपने ही शहर को देखने का विशिष्ट अनुभव मिला। इस यात्रा ने उन्हें नई उम्मीद दी।'

इस विशेष यात्रा के दौरान उन्हें गाइड ने शहर के इतिहास और विशिष्ट स्थलों से जुड़ी कई दिलचस्प जानकारियां साझा कीं, जिनके बारे में वे पहले नहीं जानती थीं।'

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस विशेष 'लखनऊ दर्शन' टूर में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया। यह टूर मैक्स हेल्थकेयर के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें उनके डॉक्टर और नर्स पूरी यात्रा के दौरान प्रतिभागियों के साथ मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन