कैबिनेट का फैसला : एपीआईएल की हाईटेक टाउनशिप परियोजना काे पूरा करेगा एलडीए
— करीब 5,000 होमबायर्स की समस्या सुलझने की उम्मीद, 2,912 करोड़ तक की संभावित देनदारी— शेष अवस्थापना सुविधाओं का होगा विकास, सरकारी जमीन की भी होगी सुरक्षा
लखनऊ, 15 सितंबर ( हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में लखनऊ स्थित मेसर्स एपीआईएल की हाईटेक टाउनशिप परियोजना को पूरा किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत हाईटेक टाउनशिप नीति के अंतर्गत दिए गए लाइसेंस के तहत स्वीकृत परियोजना को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) टेकओवर करेगा। इसके बाद परियोजना को पूर्ण करने का प्रस्ताव राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
2,912 करोड़ तक की संभावित देनदारी
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार परियोजना की अधिकतम संभावित देनदारी करीब 2,912 करोड़ रुपये है। हालांकि, वास्तविक देनदारी आईआरपी (इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल) प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित होगी, जिसके भुगतान के लिए आवश्यक धनराशि एलडीए को सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
5,000 होमबायर्स की समस्या सुलझने की उम्मीद
विशेष सचिव आवास राजेश कुमार राय ने बताया कि परियोजना को सरकारी अभिकरण के माध्यम से पूरा किए जाने से करीब 5,000 होमबायर्स की समस्या का समाधान संभव हो सकेगा। रुकी हुई परियोजना में दोबारा विकास कार्य शुरू कराए जा सकेंगे। हाईटेक टाउनशिप की शेष अवस्थापना सुविधाओं और उपयोगिताओं का विकास भी कराया जा सकेगा। इससे परियोजना को पूर्ण कर सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
सरकारी जमीन की होगी सुरक्षा
प्रस्ताव के तहत बंधक भूमि और ग्राम समाज की भूमि को किसी तीसरे पक्ष के पक्ष में विनियमित किए जाने के स्थान पर लखनऊ विकास प्राधिकरण के पक्ष में विनियमित किया जाएगा। इससे शासकीय भूमि की रक्षा होगी। साथ ही, भविष्य में शासकीय विभागों की देनदारियों की प्राप्ति की संभावना भी बेहतर हो सकेगी।
रियल एस्टेट और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
किसी शासकीय अभिकरण के माध्यम से परियोजना को विकसित किए जाने से होमबायर्स के बीच विश्वास पैदा होगा। परियोजना पूरी होने से रियल एस्टेट क्षेत्र और निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार सृजन में वृद्धि होने की भी उम्मीद है।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

