उत्तर प्रदेश के दो दर्जन जिलों में आंधी—पानी, कई जिलाें में ओलावृष्टि हुई, प्रयागराज में पीपा पुल बहा
-बाराबंकी में बारिश के दाैरान सवारियों से भरी एक रोडवेज बस पर बबूल का पेड़ गिरा
-9 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ के कारण आंधी और बारिश की संभावना है
लखनऊ, 08 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में बुधवार को राजधानी लखनऊ समेत दो दर्जन जिलों में तेज आंधी और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ीं। कई जगहों में ओले भी गिरे और प्रयागराज में मेजा का सिरसा पीपा पुल क्षतिग्रस्त हुआ तो बाराबंकी में बारिश और तेज आंधी से पेड़ चलती बस पर गिर गया। मुजफ्फर नगर में सड़क धंस गयी। वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने गुरुवार को भी पश्चिमी विक्षोभ के कारण आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जतायी है। हालांकि 10 अप्रैल से मौसम के शुष्क होने और 11 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश के मौसम को फिर से प्रभावित करने का पूवार्नुमान है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तेज आंधी और बारिश के कारण बुधवार सुबह तापमान नीचे लुढ़क गया। यहां पिछले 24 घंटे में 5.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। सुबह से देर शाम तक आंधी और बारिश सिर्फ लखनऊ ही नहीं बल्कि गोंडा, बाराबंकी, गोरखपुर, जौनपुर और अलीगढ़ समेत करीब 25 जिलों में दिखायी पड़ी। मेरठ, सहारनपुर, शाहजहांपुर, लखीमपुर-खीरी और बरेली समेत कई जिलों में ओलावृष्टि हुई। प्रयागराज के मेजा में सिरसा में गंगा फेरी घाट पर बना पांटून (पीपा) पुल आंधी और पानी के तेज बहाव में बह गया। मेजा के सहायक पुलिस आयुक्त संत प्रसाद उपाध्याय ने बताया कि मंगलवार की रात तेज तूफान की वजह से पुल बह गया था। इसे जोड़ने का कार्य जारी है और जल्द ही आवागमन बहाल हो जायेगा ।
--तेज बारिश में बस पर गिरा पेड़
लखनऊ के पड़ाेसी जिले बाराबंकी के देवा थाना क्षेत्र में बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया। तेज बारिश के दौरान सवारियों से भरी एक रोडवेज बस पर अचानक सड़क किनारे खड़ा बबूल का पेड़ गिर गया। यह घटना भीटौली गांव के पास हुई। जब बस बजगहनी से 16 यात्रियों को लेकर बाराबंकी जा रही थी। पेड़ गिरने से बस उसकी चपेट में आ गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। बस में सवार यात्रियों में दहशत फैल गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ और सभी सुरक्षित बाहर निकल आए।
--फसलों का भारी नुकसान
प्रदेश में तेज आंधी, पानी और ओलावृष्टि से सबसे अधिक नुकसान फसलों का हो रहा है। खेतों में खड़ी फसल क्षतिग्रस्त हो गयी है और कई जिलों में गेहूं की कटी फसल बारिश के कारण खराब हो गयी है। पकी फसल भी नम हो गयी है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गयी है और वे सरकार से मदद का इंतजार कर रहे हैं। सब्जी वाली फसलें भी बारिश और तेज हवा से प्रभावित हाे रही हैं।
--मुख्यमंत्री योगी ने दिए मुआवजे बांटने के निर्देश
असमय बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी से फसलों के हुए नुकसान को लेकर सरकार सजग है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को एक बार फिर निर्देश दिए कि फसलों के नुकसान का सही आंकलन करके 24 घंटे के भीतर मुआवजा वितरित किया जाय। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी और सम्बंधित अफसर फील्ड में उतर कर मौका मुआयना करें और नुकसान का सही आंकलन कर किसानों को मुआवजा दिलायें। इसके लिए सम्बंधित बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर काम करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जायेगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के लखनऊ केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मौसम के रुख में आया बदलाव पूरे उत्तर प्रदेश में है। इसकी असली वजह मध्य क्षोभमंडल में उत्तरी पूर्वी पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आसपास बना चक्रवाती परिसंचरण है। इसके अलावा निचले क्षोभमंडल में उत्तरी पूर्वी राजस्थान, उत्तरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश पर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई जिलाें में आंधी और बारिश की संभावना है । इस दौरान 50–60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। आने वाले दिनों के पूर्वानुमान के मुताबिक 9 और 10 अप्रैल को आंशिक बादल छाए रहेंगे जबकि 11 अप्रैल के बाद मौसम साफ होने लगेगा ।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

