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यूपी में बारिश का दौर जारी, नदियां उफान पर, 14 जिलों में अगले तीन घंटे बारिश का अलर्ट

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यूपी में बारिश का दौर जारी, नदियां उफान पर, 14 जिलों में अगले तीन घंटे बारिश का अलर्ट


- गंगा-यमुना के साथ मंदाकिनी में बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता, जिला प्रशासन राहत कार्य में जुटा

लखनऊ, 02 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे पानी के चलते प्रमुख नदियों गंगा, यमुना, मंदाकिनी समेत कई नदियों के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। राज्य में अभी भी 06 सितंबर तक भारी बारिश के आसार बने हुए हैं। ऐसे में राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के जिला प्रशासन ने जलस्तर के साथ बाढ़ के खतरे और जनहानि बचाव कार्य एवं राहत कार्य तेज कर दिए है।

लखनऊ मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि ताजा मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले तीन घंटों में फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, अंबेडकर नगर, अमेठी, अयोध्या, जौनपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, सुलतानपुर और वाराणसी में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कई इलाकों में बिजली चमकने और मध्यम से तेज बारिश की भी संभावना का अलर्ट है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों को भी अहम माना जा रहा है। भारी बारिश का दौर जारी रहने पर पहले से बढ़े नदी जलस्तर के कारण निचले इलाकों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

लखनऊ में बारिश का असर, गोमती पर नजर

राजधानी लखनऊ में बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। शहर में बारिश के साथ अब गोमती नदी के जलस्तर पर भी निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। लखनऊ और आसपास के जिलों में बारिश का असर यातायात और सामान्य जनजीवन पर पड़ा है। अगले कुछ घंटों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह है।

कानपुर में बारिश के साथ गंगा का बढ़ता दबाव

कानपुर और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश के साथ गंगा के जलस्तर पर भी नजर है। कानपुर नगर और कानपुर देहात दोनों को अगले तीन घंटे के बारिश वाले अलर्ट में शामिल किया गया है। लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में परेशानी बढ़ सकती है।

वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु के पार, नाव संचालन बंद

वाराणसी में स्थिति सबसे ज्यादा संवेदनशील दिखाई दे रही है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर चुका है और खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने नाव संचालन पर रोक लगा दी है। गंगा का पानी बढ़ने से वरुणा नदी और निचले इलाकों में भी असर दिखाई दे रहा है। कोनिया समेत कुछ बस्तियों में पानी पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है।

गंगा-यमुना का बढ़ता जलस्तर

प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियों पर नजर बनी हुई है। भारी बारिश के बीच निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति सामने आई है। संगम क्षेत्र और घाटों पर भी पानी का असर दिखाई दे रहा है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।

चित्रकूट में मंदाकिनी उफान पर

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में चिंता बनी हुई है। नदी के बढ़ते पानी के कारण प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और राहत-बचाव की तैयारी तेज करनी पड़ी है।

पांच जिलों में 11 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र जलमग्न

बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर का असर प्रदेश के कई जिलों में दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार को भेजी जा रही जिला स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, मऊ और देवरिया में 11,358 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में पानी भरने की स्थिति सामने आई है। कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। वहीं कानपुर, प्रयागराज, बनारस, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, बिजनौर, मुरादाबाद समेत बुंदेलखंड के कई जिलों में निचले इलाकों में बढ़े जलस्तर के चलते जलभराव से लोग प्रभावित हुए हैं।

गंगा के साथ दूसरी नदियों पर भी दबाव

पूर्वांचल में बारिश और बढ़ते नदी जलस्तर का दोहरा असर दिखाई दे रहा है। गाजीपुर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने की रिपोर्ट है। यहां गंगा चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही है और जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। पूर्वी यूपी के कई जिलों में जलभराव की स्थिति पहले ही सामने आ चुकी है। गाजीपुर, बलिया, मऊ, देवरिया और गोरखपुर जैसे इलाकों में बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन सतर्क है। हालिया रिपोर्टों में पांच जिलों में 11 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। गंगा-यमुना नदी तंत्र से जुड़े जिलों में जलस्तर और तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर प्रशासन की नजर है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा