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सपा सदस्यों ने विधान परिषद में उठाया पेपर लीक का मुद्दा

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सपा सदस्यों ने विधान परिषद में उठाया पेपर लीक का मुद्दा


सपा सदस्यों ने विधान परिषद में उठाया पेपर लीक का मुद्दा


लखनऊ, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में बुधवार को विपक्ष ने प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली का मुद्दा उठाते हुए सदन की कार्यवाही रोककर इस पर तुरंत चर्चा कराने की मांग की। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और आवाज उठाने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज व मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया है।

समाजवादी पार्टी के सदस्य डॉ मान सिंह यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे युवा प्रदेश है, जहां लाखों अभ्यर्थी सरकारी नौकरियों की तैयारी करते हैं। गरीब, किसान और मजदूर वर्ग अपने बच्चों की पढ़ाई पर सालों की जमा-पूंजी खर्च कर देते हैं। लेकिन परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने से केवल परीक्षा रद्द नहीं होती, बल्कि लाखों युवाओं का भरोसा भी टूट जाता है। परीक्षा निरस्त होने के कारण छात्रों को यात्रा, आवास, भोजन और कोचिंग पर हजारों करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

9 वर्षों में 20 से अधिक परीक्षाएं लीक

विपक्ष ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार के शासनकाल में पिछले लगभग 9 वर्षों में 20 से अधिक परीक्षाओं में पेपर लीक, धांधली और परीक्षा रद्द होने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके कारण कई अभ्यर्थियों की उम्र सीमा निकल गई है, कई का साल बर्बाद हुआ है, तो कई परिवार कर्ज में डूब गए हैं। निराशा के चलते कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली है। सपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि जब छात्र जवाबदेही और न्याय मांगते हैं, तो सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज करवाकर मुकदमे दर्ज करा देती है।

हाल में हुई लेखपाल भर्ती परीक्षा का दिया हवाला

विपक्षी ने हाल ही में 21 मई, 2026 को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित लेखपाल भर्ती परीक्षा में भारी धांधली हुई। यह परीक्षा 44 जिलों के 861 केंद्रों पर कुल 7994 पदों के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें तीन लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। विपक्ष का दावा है कि इस परीक्षा का पेपर भी लीक हो गया था और बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी।

सदन में तुरंत चर्चा की मांग

नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा है कि सरकार इन गंभीर आरोपों को भ्रामक बताकर न्याय मांग रहे छात्रों पर ही मुकदमे दर्ज करा रही है। सरकार की इस दमनकारी नीति और पेपर लीक के सिलसिले से प्रदेश के युवाओं में भारी आक्रोश है और वे आंदोलित हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विपक्ष ने मांग की है कि सदन की सामान्य कार्यवाही को रोककर इस अविलंबनीय लोक महत्व के प्रकरण पर तुरंत विस्तार से चर्चा कराई जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन