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वाराणसी में आंधी-बारिश से बदला मौसम का मिजाज, नौतपा की तपिश पड़ी फीकी

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वाराणसी में आंधी-बारिश से बदला मौसम का मिजाज, नौतपा की तपिश पड़ी फीकी


वाराणसी, 29 मई (हि.स.)। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुरूप शुक्रवार तड़के वाराणसी समेत आसपास के जिलों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज आंधी, गरज-चमक और झमाझम बारिश से नौतपा की भीषण गर्मी का असर कमजोर पड़ गया। तूफानी हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ और डालियां टूटकर गिर गईं, जबकि शहर के निचले इलाकों की गलियों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई।

बारिश और ठंडी हवाओं के बीच गंगा घाटों पर लोगों ने मौसम का आनंद लिया। मौसम में आए बदलाव से किसानों को भी राहत मिली है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश धान का बेहन डालने के लिए लाभकारी साबित होगी। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलने के संकेत दिए हैं। शनिवार को भी आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही आसमानी बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञ के अनुसार उत्तर प्रदेश के मध्य भागों और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम यूपी से आंध्र प्रदेश तक द्रोणी रेखा बनी हुई है, जिसके कारण मौसम सुहावना बना हुआ है। शुक्रवार भोर में आए तेज आंधी-तूफान और बारिश का सबसे अधिक असर छावनी क्षेत्र में देखने को मिला। अलग-अलग स्थानों पर करीब आधा दर्जन पेड़ गिरने से कई मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

छावनी स्थित लाल चर्च के पास तेज हवाओं के दौरान एक विशाल पेड़ उखड़कर गिर पड़ा। इसकी चपेट में वहां खड़ा एक टेंपो ट्रेवलर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि चर्च की दीवार को भी नुकसान पहुंचा। घटना के समय आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।

इसी प्रकार मिंट हाउस स्टेशन मार्ग पर भी एक विशाल नीम का पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही छावनी प्रशासन मौके पर पहुंचा और पेड़ हटवाकर मार्ग को बहाल कराया।

इसके अलावा 39 जीटीसी के गेट नंबर-6 के समीप भी पेड़ गिरने की सूचना मिली। आंधी-पानी के कारण छावनी क्षेत्र के कई हिस्सों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने रात में ही राहत एवं सफाई कार्य शुरू कर व्यवस्थित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी