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बारिश के बाद कोहरे से ढकी काशी में ठंड की आहट, बाजार में लौटी बनारसी मलइयो की बहार

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बारिश के बाद कोहरे से ढकी काशी में ठंड की आहट, बाजार में लौटी बनारसी मलइयो की बहार


बारिश के बाद कोहरे से ढकी काशी में ठंड की आहट, बाजार में लौटी बनारसी मलइयो की बहार


वाराणसी, 02 नवंबर (हि.स.)। चक्रवात अर्नब के प्रभाव के दो दिन बाद उत्तर प्रदेश के काशी (वाराणसी) में मौसम ने सोमवार को अचानक करवट ली। रविवार शाम और रात हुई बारिश के बाद सोमवार की सुबह धर्मनगरी कोहरे से ढका नजर आई। सड़कों से लेकर गंगा के घाटों तक कोहरे का असर दिखा और कम दृश्यता के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। माैसम के बदले मिजाज के बीच गंगा घाटों पर पहुंचे देशी-विदेशी पर्यटकों को भी घाटों और गंगा के विहंगम दृश्य का दीदार करने में परेशानी हुई। हालांकि, सुबह करीब नौ बजे के बाद कोहरा छंटने और दिन चढ़ने के साथ धूप खिल उठी।

काशी के गंगा तट पर स्थित सभी 84 घाट सोमवार अलसुबह कोहरे की आगोश में घिरा दिखा। गंगा में दृश्यता कम होने के कारण नावों का संचालन भी प्रभावित हुआ। नाविकों ने सुरक्षा के मद्देनजर सुबह के समय नावों का संचालन सीमित रखा। करीब नौ बजे के बाद स्थिति सामान्य होने पर नावों का संचालन फिर से शुरू हो सका। मौसम में आए इस बदलाव के साथ ही ठंड ने भी दस्तक दे दी है।

तापमान में गिरावट और सुबह-शाम बढ़ती ठंडक के बीच काशी के बाजारों में सर्दियों की मशहूर मिठाई 'मलइयो' की बहार लौट आई है। चौक सहित शहर के प्रमुख बाजारों में मलइयो की दुकानें सजने लगी हैं। इस मौसमी मिठाई का स्वाद लेने के लिए स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटक भी दुकानों का रुख करने लगे हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही इसकी मांग में भी तेजी आने की उम्मीद है।

दशाश्वमेध घाट के नाविक विनोद कुमार निषाद ने बताया कि मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ ही बनारस की प्रसिद्ध मिठाई मलइयो बाजार में उपलब्ध होने लगी है। सर्दियों में इसकी मांग काफी बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों के साथ ही काशी घूमने आने वाले पर्यटक भी इसे खूब पसंद करते हैं। मलइयो का स्वाद बनारस की खानपान परंपरा का खास हिस्सा है।

नवंबर माह की शुरुआत में ही घने कोहरे और ठंड के अचानक बढ़े असर ने लोगों को हैरान कर दिया है। मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए लोग इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना जताने लगे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले तीन दिनों से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में हो रही छिटपुट बारिश और आसमान में छाए बादलों के कारण वातावरण के निचले स्तर पर नमी बढ़ गई थी। रविवार देर शाम बारिश के बाद आसमान साफ होने और रात के तापमान में गिरावट से वातावरण में मौजूद नमी संघनित होकर घने कोहरे में तब्दील हो गई। इसके चलते सोमवार सुबह दृश्यता काफी कम रही।

मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ और वातावरण में नमी के प्रभाव से सुबह और रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। इससे ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि रविवार को वाराणसी में सुबह से ही तेज धूप निकली थी और लगभग पूरे दिन मौसम साफ रहा। लेकिन शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ले ली। आसमान में काले घने बादल छा गए और रात करीब 8:30 बजे शहर के कई इलाकों में बारिश हुई। इसके बाद सोमवार सुबह कोहरे और ठंड ने काशी में सर्दियों के आगमन का अहसास करा दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी