विश्व पृथ्वी दिवस पर प्लास्टिक कचरे से पृथ्वी और गंगा को बचाने का दिया संदेश
नमामि गंगे की अपील, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को कहें ना
वाराणसी,22 अप्रैल (हि.स.)। विश्व पृथ्वी दिवस पर बुधवार को उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में नमामि गंगे ने श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर कपड़े के झोले का वितरण करने के साथ प्लास्टिक कचरे से पृथ्वी और गंगा को बचाने का संदेश भी दिया।
नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने, गंगा को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जनमानस से व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। लोगों से अपील की गई कि हम पृथ्वी के संरक्षण के लिए जीवनशैली में बदलाव लाएं, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को कहें ना और जूट या कपड़े के थैलों को कहें हाँ।
विश्व को प्लास्टिक कचरे से बचाने के लिए की गई जागरूकता के दौरान इटली से पधारे पर्यटकों ने भी अभियान में हिस्सा लिया। जागरूकता के दौरान घाटों पर प्लास्टिक और अन्य कूड़े को साफ कर पॉलीथिन मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि पृथ्वी को संरक्षित करने के लिए प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त एक 'स्वच्छ और निर्मल' भविष्य जरूरी है। गंगा सिर्फ नदी नहीं, हमारी आत्मा है, जिसे प्लास्टिक और रसायनों से बचाना अनिवार्य है।
गंगा को स्वच्छ रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। गंगा के किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को प्लास्टिक व अन्य कचरा न फैलाने का संदेश वर्तमान परिवेश में न केवल अनिवार्य है बल्कि अपरिहार्य है। जागरूकता के दौरान प्रमुख रूप से महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, शिखा तिवारी, शगुन तिवारी सहित नमामि गंगे के स्वयंसेवक शामिल रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

