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विश्व जल दिवस : वाराणसी में रन फॉर क्लीन गंगा मैराथन में हजारों युवाओं ने दौड़ लगाई

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विश्व जल दिवस : वाराणसी में रन फॉर क्लीन गंगा मैराथन में हजारों युवाओं ने दौड़ लगाई


- फिल्म अभिनेता मिलिंद सोमन भी नमो घाट से लंका तक दौड़ में हुए शामिल

वाराणसी, 22 मार्च (हि.स.)। विश्व जल दिवस पर रविवार को उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा नदी की निर्मलता और स्वच्छता के लिए संकट मोचन फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित रन फॉर क्लीन गंगा मैराथन में हजारों युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ दौड़ लगाई।

मैराथन में खास बात यह रही कि फिल्म अभिनेता मिलिंद सोमन ने भी 10.55 किमी दौड़ में भाग लेकर गंगा की स्वच्छता का संकल्प व संदेश दिया। पुरुषों के साथ महिलाओं की भागीदारी भी प्रशंसनीय रही। यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया व स्टाइडर्स के प्रायोजन में मैराथन की शुरूआत सुबह छह बजे नमो घाट से हुआ।

फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र व फिल्म अभिनेता ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया। इसके साथ ही अभिनेता भी मैराथन दौड़ में भी शामिल हो गए। इस एक वर्ग के लिए निर्धारित मार्ग नमोघाट, मछोदरी, विश्वेश्वरगंज, मैदागिन, गोदौलिया, मदनपुरा शिवाला, रवीन्द्रपुरी लंका महामना मालवीय प्रतिमा होते शिवाला व समाप्ति स्थल तुलसी घाट तक वे भी प्रतिभागियों के साथ पहुंचे। मैराथन के दूसरे वर्ग सात किमी प्रतिभागी नमोघाट से दौड़ आरंभ कर शिवाला से सीधे भदैनी होते तुलसीघाट तक गए।

सभी प्रतिभागियों का स्वागत तुलसी द्वार पर गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा के बीच किया गया। इस अवसर पर तुलसीघाट पर आयोजित सभा में मैराथन के दोनों वर्गों में महिलाओं व पुरुषों को अलग- अलग प्रथम स्वर्ण पदक, द्वितीय रजत पदक व तृतीय ताम्र पदक दिए गए। साथ ही दोनों वर्गों में महिला- पुरुष वर्ग के लिए नकद पुरस्कार दिए गए। 10.55 किमी मैराथन में भाग लेने वाले विजेताओं को प्रथम स्वर्ण पदक 21 हजार रुपये, द्वितीय रजतपदक 16 हजार रुपये व तृतीय ताम्र पदक 11 हजार रुपये नकद दिए गए।

वहीं सात किमी मैराथन में स्वर्ण पदक के लिए 15 हजार , रजतपदक को 10 हजार व ताम्रपदक प्राप्त कर्ता को सात हजार नकद दिया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि अभिनेता मिलिंद सोमन ने कहा कि आज की दौड़ का उद्देश्य स्वच्छ गंगा है। यह उद्देश्य अहम महत्व का है। हम सब की जिम्मेदारी है कि जैसे हम अपने शरीर को स्वस्थ और चुस्त- दुरुस्त रखतें हैं, उसी तरह अ गंगा को भी प्रदूषण मुक्ति व स्वच्छ रखें। आज अपने परिवार को इस अभियान से जोड़ने की आवश्यकता है। फाउंडेशन के निदेशक प्रो. एसएन उपाध्याय ने कहा कि प्राकृतिक स्रोत को बचाने का उपाय सोचना हमारा उद्देश्य है।

मदर्स फॉर मदर की अध्यक्ष आभा मिश्र ने जल के महत्व व संरक्षण की आवश्यकता जताई। फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र ने कहा कि मैराथन में 2642 ने पंजीकरण करवाया था उनके समेत हजारों लोगों ने दौड़ में प्रतिभाग किया। प्रतिभागी या इसमें दौड़ने वालों समेत अन्य लोग भी यह संकल्प लें कि गंगा में एक बूंद अवजल न जाए। गंगा के प्रति ऐसी प्रति श्रद्धा से एक न एक दिन गंगा अवश्य प्रदूषण मुक्त होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी