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(अपडेट) काशी को रेल कनेक्टिविटी की तीन बड़ी सौगातें, शनिवार से शुरू होंगी नई रेल सेवाएं

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(अपडेट) काशी को रेल कनेक्टिविटी की तीन बड़ी सौगातें, शनिवार से शुरू होंगी नई रेल सेवाएं


—बनारस स्टेशन से वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर को हरी झंडी दिखाएंगे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

——वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच चलेंगी चार जोड़ी मेमू ट्रेनें, बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच भी शुरू होगी नई सेवा

वाराणसी, 30 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी की रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलने जा रही है। शनिवार, 31 अक्टूबर को वाराणसी और आसपास के यात्रियों को एक साथ तीन बड़ी रेल सुविधाओं की सौगात मिलेगी। बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनें और बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच नई ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बनारस रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह में ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

इन नई सेवाओं से जहां दिल्ली के लिए रात्रिकालीन सफर आरामदायक और सुविधाजनक होगा, वहीं स्थानीय और अंतरजनपदीय रेल आवागमन को भी गति मिलेगी। कार्यक्रम में प्रदेश के प्रमुख जनप्रतिनिधियों के साथ रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। वहीं, प्रयागराज रामबाग स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे।

——रातभर का सफर, सुबह दिल्ली में होंगे यात्री

वाराणसी से नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को रात्रिकालीन यात्रा का आधुनिक विकल्प मिलेगा। लंबे समय से इस रूट पर स्लीपर ट्रेन की मांग की जा रही थी। रेल मंत्रालय की मंजूरी के बाद अब काशी से दिल्ली के बीच यह अत्याधुनिक ट्रेन संचालित होगी।

ट्रेन संख्या 27421 वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर रात 8:50 बजे वाराणसी से रवाना होकर अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 27422 नई दिल्ली-वाराणसी रात 9:40 बजे दिल्ली से प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी। इस तरह यात्रियों को रात में सफर कर सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। इससे नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और अन्य जरूरी कार्यों से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा।

——प्रयागराज, कानपुर और अलीगढ़ में होगा ठहराव

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ठहराव प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर निर्धारित किया गया है। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी।

वाराणसी से सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शनिवार और रविवार को ट्रेन चलेगी। वहीं, नई दिल्ली से सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार और रविवार को इसका संचालन होगा।

——16 कोच, 823 बर्थ और आधुनिक सुरक्षा इंतजाम

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। 16 कोच वाली इस ट्रेन में कुल 823 बर्थ होंगी। इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के वातानुकूलित कोच उपलब्ध रहेंगे।

मेक इन इंडिया पहल के तहत निर्मित इस ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। यात्रियों के आराम को ध्यान में रखते हुए इसमें आरामदायक बर्थ, बेहतर शोर नियंत्रण, कंपन में कमी और तापरोधी व्यवस्था जैसी सुविधाएं दी गई हैं। ट्रेन के गति पकड़ने और रुकने के दौरान झटकों को कम करने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

सुरक्षा के लिहाज से भी ट्रेन को आधुनिक बनाया गया है। इसमें उन्नत अग्नि सुरक्षा प्रणाली, इंटेलिजेंट डायग्नोस्टिक्स, आधुनिक ट्रेन प्रबंधन प्रणाली और अत्याधुनिक प्रोपल्शन एवं कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं। ऊर्जा की बचत के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसकी मजबूत स्टील बॉडी सुरक्षा और टिकाऊपन को भी बेहतर बनाएगी।

——वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच चलेंगी चार जोड़ी मेमू

स्थानीय रेल यात्रियों को राहत देने के लिए वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा। शहर के पश्चिमी हिस्से और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन करने वाले लोगों को लंबे समय से इस सेवा की जरूरत महसूस हो रही थी।

12 कोच वाली इन मेमू ट्रेनों का ठहराव वाराणसी जंक्शन, बनारस, भुलनपुर और हरदत्तपुर स्टेशनों पर होगा। इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और मरीजों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।

इस सेवा का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि राजातालाब स्टेशन से रिंग रोड के रास्ते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक पहुंचना आसान हो सकेगा। इससे स्टेडियम जाने वाले दर्शकों और अन्य यात्रियों को भी बेहतर परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है।

——ढाई घंटे में तय होगा बनारस से प्रयागराज का सफर

वाराणसी और प्रयागराज के बीच रेल आवागमन को सुगम बनाने के लिए बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच नई ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी। दोनों धार्मिक, शैक्षिक और व्यावसायिक शहरों के बीच यह ट्रेन यात्रियों को किफायती और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराएगी।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यात्री सुबह वाराणसी से रवाना होकर कार्यालय समय में प्रयागराज पहुंच सकेंगे। दिनभर अपने जरूरी काम निपटाने के बाद शाम को वापस बनारस लौटने की सुविधा भी मिलेगी। करीब ढाई घंटे की यात्रा अवधि से यात्रियों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

इस ट्रेन सेवा से प्रयागराज में मुकदमों की पैरवी के लिए जाने वाले लोगों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और पर्यटकों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।

——तीन नई सेवाओं से बदलेगी काशी की रेल कनेक्टिविटी की तस्वीर

वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर, वाराणसी सिटी-राजातालाब मेमू और बनारस-प्रयागराज रामबाग ट्रेन सेवा का एक साथ शुभारंभ काशी के रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। एक ओर दिल्ली के लिए आधुनिक और आरामदायक रात्रिकालीन रेल सुविधा मिलेगी, तो दूसरी ओर शहर और आसपास के क्षेत्रों के बीच स्थानीय रेल संपर्क मजबूत होगा। वहीं, प्रयागराज के लिए नई ट्रेन सेवा से अंतरजनपदीय आवागमन आसान बनेगा।

इन तीनों सेवाओं से धार्मिक पर्यटन, शिक्षा, व्यापार और दैनिक यात्राओं को बढ़ावा मिलने के साथ ही काशी और आसपास के क्षेत्रों के विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी