सनातन धर्म, संस्कृति एवं वैदिक परम्परा के संरक्षण में परिषद का विशिष्ट योगदान : डॉ. अनिकेत शास्त्री
—संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मेंं हरिवंश पुराण कार्यशाला एवं महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति
वाराणसी, 26 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के योग साधना केन्द्र में बुधवार को हरिवंश पुराण कार्यशाला का विशेष सत्र तथा वेद विभाग से संचालित महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति सम्पन्न हुई। योग साधना केन्द्र में ही श्रीकाशी विद्वद्धर्मपरिषद् (संस्थापित — श्री श्री 1008 श्री मौनी बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट, काशी, उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में अभिनन्दन समारोह का आयोजन भी किया गया।
समारोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष, धर्माचार्य प्रकोष्ठ, अखिल भारतीय हिन्दू महासभा तथा महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख, अखिल भारतीय सन्त समिति, श्री महन्त वेदाचार्य पीठाधीश्वर स्वामी डॉ. अनिकेत शास्त्री का अभिनंदन भी किया गया। समारोह में डॉ. अनिकेत शास्त्री ने कहा कि श्री काशी विद्वद्धर्मपरिषद् द्वारा किया गया यह अभिनन्दन हमारे लिए गौरव एवं हर्ष का विषय है। इस परिषद् का संचालन एक सिद्ध सन्त के नाम पर स्थापित श्री श्री 1008 श्री मौनी बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट न्यास के माध्यम से हो रहा है, यह अपने आप में गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस अभिनन्दन से केवल उनका व्यक्तिगत मान-सम्मान ही नहीं बढ़ा, बल्कि अनेक सन्त-परम्पराओं का सम्मान हुआ है। हमारा अभिनन्दन करके परिषद् ने सनातन धर्म, संस्कृति एवं परम्परा के संरक्षण के लिए हमें और अधिक शक्ति प्रदान की है। पिछले कुछ वर्षों से नासिक-त्र्यंबकेश्वर जैसे कुम्भ क्षेत्रों का सरकारों द्वारा जिस प्रकार अपेक्षित शास्त्रीय मर्यादाओं के अनुरूप संचालन नहीं किया गया, उसके दृष्टिगत अब समय आ गया है कि परिषद् के विद्वान शास्त्रीय एवं धर्मसम्मत पद्धति से ऐसे आयोजनों के संचालन एवं व्यवस्थापन के लिए सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करें।
उन्होंने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के गौरव का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व की प्राचीनतम एवं गौरवशाली संस्कृत संस्थाओं में शुमार इस विश्वविद्यालय को अब तक केन्द्रीय एवं राष्ट्रीय ही नहीं, अपितु अन्तर्राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का स्वरूप प्राप्त हो जाना चाहिए था। इस अवसर पर परिषद् के कार्यकारी अध्यक्ष पं. कमलाकान्त त्रिपाठी ने डॉ. अनिकेत शास्त्री के अभिनन्दन-पत्र का वाचन करते हुए उनके व्यक्तित्व, कृतित्व, आध्यात्मिक साधना एवं विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे विशिष्ट योगदान का उल्लेख किया।
समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने परिषद् द्वारा प्राप्त अभिनन्दन के प्रति कृतज्ञता जताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय के संवर्धन एवं उत्कर्ष के लिए हमें और अधिक प्रेरणा तथा बल प्रदान करेगा। कुलपति प्रो. शर्मा के अभिनन्दन-पत्र का वाचन प्रो. धर्मदत्त चतुर्वेदी ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद् के अध्यक्ष पं. छोटेलाल त्रिपाठी ने की।
इससे पूर्व कार्यक्रम की प्रस्तावना मौनी बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट न्यास के मुख्य न्यासी एवं गुरुकुल एवं मन्दिर सेवा योजना प्रमुख, जम्मू-कश्मीर प्रान्त, डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय ने रखी।
समारोह में अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा,पं. विजय शर्मा,पं. दुर्गेश पाठक,प्रो. सुधाकर मिश्र , प्रो. रामपूजन पाण्डेय, डॉ. उमंग नाथ शर्मा, प्रो. महेन्द्र नाथ पाण्डेय आदि की उपस्थिति रही।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

