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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गविष्ठी यात्रा काशी पहुंची,सभा में मधुमक्खियों ने हमला बोला

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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गविष्ठी यात्रा काशी पहुंची,सभा में मधुमक्खियों ने हमला बोला


—रास्ते में विभिन्न स्थानों पर शंकराचार्य का स्वागत एवं अभिनंदन

वाराणसी,13 मई ( हि.स.)। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में गोरखपुर से निकली 81 दिवसीय गविष्ठी गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा बुधवार को वाराणसी पहुंची। जनपद मिर्जापुर से होते हुए वाराणसी आई यात्रा में शामिल शंकराचार्य का जगह—जगह स्वागत व अभिनंदन किया गया। वाराणसी जिले के दरेखु स्थित प्राचीन शिवमंदिर परिसर में शंकराचार्य के सभा के दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने मौजूद श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया। इससे वहां कुछ देर के लिए अफरा—तफरी मच गई। शंकराचार्य ने लोगों से कहा कि चुपचाप बैठे रहिए। ये मधुमक्खियां कुछ नहीं करेंगी। माना जा रहा है कि मंदिर के पेड़ पर मधुमक्खियों के छत्ते को किसी शरारती ने कुरेद दिया था। यहां शंकराचार्य का स्वागत समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. सुभाष राजभर व गोपाल यादव आदि के नेतृत्व में किया गया। वैदिक ब्राह्मणों और बटुकों ने मंत्रोंच्चार के बीच शंकराचार्य का स्वागत किया। यहां शंकराचार्य ने सभी को संकल्प दिलाया कि वह गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए अभियान में जुड़ेंगे। गौमाता को पशु सूची से हटाने की मांग भी की गई। मधुमक्खियों के चलते हुई अव्यवस्था से सभा निर्धारित समय से पहले ही समाप्त हो गई। शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि यह 81 दिवसीय गविष्ठी यात्रा प्रदेश के समस्त 403 विधानसभाओं में जाएगी। गविष्ठी यात्रा काशी में रोहनिया,कैंट,दक्षिणी, शहर उत्तरी होते शिवपुर विधानसभा पहुंचेगी। शंकराचार्य शिवपुर विधानसभा में रात्रि विश्राम करेंगे।एवं अगले दिन गविष्ठी यात्रा अजगरा,पिंडरा,सेवापुरी एवं भदोही होते हुए अगले गंतव्य की ओर प्रस्थान करेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी