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बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना जरूरी : डॉ. शशि भूषण सिंह

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बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना जरूरी : डॉ. शशि भूषण सिंह


——अंतर राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर विज्ञान के महत्व पर हुई चर्चा, बच्चों ने किए विभिन्न उपकरणों के प्रयोग

वाराणसी, 08 सितंबर (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर मंगलवार को वाराणसी में चौबेपुर क्षेत्र के भंदहा कला, कैथी स्थित आशा लाइब्रेरी में विज्ञान चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बच्चों और छात्राओं को विज्ञान के महत्व तथा दैनिक जीवन में वैज्ञानिक उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी।

कार्यक्रम में संदर्भ व्यक्ति के रूप में संबोधित करते हुए डॉ. शशि भूषण सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना बेहद आवश्यक है। वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देकर ही भविष्य के बेहतर वैज्ञानिक तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने बच्चों को किशोरावस्था की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की विज्ञान आधारित कार्यशालाओं की आवश्यकता है, ताकि बच्चों में जिज्ञासा और प्रयोगधर्मिता को बढ़ावा मिल सके।

कार्यशाला के दौरान बच्चों को लेंस, पेंडुलम, प्रिज्म, कैलीपर्स, चुम्बक, टेलिस्कोप, ट्यूनिंग फोर्क और माइक्रोस्कोप सहित विभिन्न विज्ञान उपकरणों के प्रयोग के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने इन उपकरणों के कार्य करने के तरीके और आम जीवन में उनके महत्व को प्रयोग के माध्यम से समझाया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विज्ञान से जुड़े प्रयोगों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं के बारे में विशेषज्ञों से सवाल भी किए। इस अवसर पर सौरभ चंद्र, प्रदीप सिंह, नेहा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी