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सावन के पहले सोमवार से पूर्व गंगा घाटों पर 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की विशेष तैनाती

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सावन के पहले सोमवार से पूर्व गंगा घाटों पर 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की विशेष तैनाती


— अत्याधुनिक बचाव उपकरण, मोटरबोट और वाटर एम्बुलेंस के साथ 24 घंटे मुस्तैद रहेंगी टीमें

- कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट ने तैनाती स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों का लिया जायजा

वाराणसी, 02 अगस्त (हि.स.)। सावन माह के पहले सोमवार पर गंगा स्नान के लिए उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी के घाटों पर उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने सुरक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ कर दी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा जल संबंधी किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए गंगा घाटों और जल क्षेत्रों में एक अतिरिक्त बाढ़ एवं जल-राहत टीम तैनात की गई है।

एनडीआरएफ की यह विशेष टीम अत्याधुनिक बचाव उपकरणों, मोटरबोट, वाटर एम्बुलेंस तथा अन्य जीवनरक्षक संसाधनों से लैस है और 24 घंटे सतर्क रहकर किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार रहेगी। रविवार को 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ के कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट ने वाराणसी के विभिन्न गंगा घाटों पर तैनाती स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने टीमों की परिचालन तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया तथा मोटरबोट, वाटर एम्बुलेंस, बचाव उपकरणों और अन्य संसाधनों की कार्यशीलता की समीक्षा की। उन्होंने तैनात कार्मिकों को सावन मेला अवधि के दौरान पूर्ण सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया, प्रभावी समन्वय और उच्च स्तर की पेशेवर दक्षता बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एनडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि 11वीं वाहिनी की एक विशेष जल-राहत टीम वर्षभर गंगा घाटों पर वाटर एम्बुलेंस के साथ 24×7 तैनात रहती है। यह टीम जल संबंधी आपातकालीन घटनाओं में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य करने के अलावा समय-समय पर श्रद्धालुओं, नाविकों और स्थानीय नागरिकों के बीच जागरूकता अभियान भी चलाती है।

इन अभियानों के माध्यम से जल सुरक्षा, सुरक्षित नौकायन, डूबने की घटनाओं से बचाव तथा आपदा के समय बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाती है। साथ ही, नाव यात्रा के दौरान लाइफ जैकेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने और जिला प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की जाती है।

अधिकारियों के अनुसार, 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर सावन मेले के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध आयोजन के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी