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मिलिशौती सिटी, रोमानिया के मेयर ने “काशी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर” की कार्यप्रणाली देखी

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मिलिशौती सिटी, रोमानिया के मेयर ने “काशी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर” की कार्यप्रणाली देखी


—नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने की अगवानी,वाराणसी की प्रमुख परियोजनाओं पर चर्चा

वाराणसी, 02 मार्च (हि.स.)। रोमानिया के मिलिशौती सिटी के मेयर वासिले कारारे सोमवार को उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) पहुंचे। वाराणसी में प्रवास के दौरान मेयर वासिले कारारे ने सिगरा स्थित “काशी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर” में भ्रमण किया और यहां के कार्यप्रणाली के बारे में उत्सुकता दिखाई।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मेहमान मेयर को सेंटर के मुख्य कंपोनेंट जैसे सिटी सर्विलांस, फ़ेशियल रेकग्निशन सिस्टम, इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पब्लिक एड्रेस एवं वेरिएबल मैसेज सिस्टम, बीट मैपिंग आदि की जानकारी और कार्यप्रणाली को बताया। नगर आयुक्त व सीईओ, वाराणसी स्मार्ट सिटी हिमांशु नागपाल ने बताया कि किस प्रकार धर्म नगरी काशी में भारी संख्या में पर्यटक, श्रद्धालु एवं दर्शनार्थी आते हैं तथा उनको एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किए जाने के लिए किस प्रकार वाराणसी नगर निगम एवं संपूर्ण जिला प्रशासन कार्यरत है। इसके पहले नगर आयुक्त व सीईओ, वाराणसी स्मार्ट सिटी हिमांशु नागपाल ने कमांड सेंटर में मेयर, मिलिशौती सिटी का गर्मजोशी से स्वागत किया। अंगवस्त्रम, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न देकर अभिनंदन भी किया। इस दौरान अपर नगर आयुक्त संगम लाल, मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी, मुख्य अभियंता आर.के. सिंह, प्रबंधक (आईटी) राहुल तिवारी सहित अन्य अफसर भी मौजूद रहे।

— रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान मिलिशौती सिटी के मेयर ने भारतीय छात्रों की मदद की थी

बताते चले वर्ष 2022 के रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान, रोमानिया के मिलिशौती सिटी के मेयर वासिल कारारे ने वहां फंसे हुए भारतीय छात्रों की सहायता के लिए मानवीय प्रयासों में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने अपने समुदाय के स्पोर्ट्स हॉल को एक अस्थायी आश्रय गृह में बदल दिया, जहाँ कुल 1,500 छात्रों के रहने की व्यवस्था की गई। ये प्रयास ऑपरेशन गंगा का हिस्सा थे, जो भारत सरकार का एक मिशन था। इस मिशन के तहत रोमानिया, पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और मोल्दोवा सहित पड़ोसी देशों के माध्यम से 22,500 से अधिक भारतीय नागरिकों (मुख्य रूप से छात्रों) को सुरक्षित वापस लाया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी