भगवान गणेश के पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील
—काशी में लालबाग के राजा के दरबार में नमामि गंगे ने बांटे पौधे एवं कपड़े के झोले
वाराणसी,16 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चल रहे सप्ताहव्यापी गणेशोत्सव में ठठेरी बाजार स्थित शेर वाली कोठी में काशी के 'लालबाग के राजा' (गणेश जी की भव्य प्रतिमा)अपने भव्य पंडाल के दरबार से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे है। गणेशोत्सव के दौरान प्रसिद्ध गणपति के दर्शन के लिए दरबार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे है। दरबार में बुधवार को नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने गंगा सेवक राजेश शुक्ल के संयोजन में श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति के पदाधिकारियों के साथ कपड़े के थैले एवं पौधे लेकर बप्पा की ओर से पर्यावरण संरक्षण की अपील की। इसके बाद 'गणपति बप्पा' के पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आवाह्न किया। इस दौरान पंडाल में आए श्रद्धालुओं में पौधे एवं कपड़े के थैले वितरित कर ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। इसके अलावा सिंगल यूज पॉलिथीन का उपयोग न करने, जल संरक्षण एवं प्रकृति से प्रेम सद्भाव प्रदर्शित करने का आग्रह किया गया।
राजेश शुक्ला ने बताया कि भगवान गणेश का उत्सव हमें आस्था के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करने का गहरा संदेश देता है। देश सहित पूरे विश्व में पर्यावरण प्रदूषण एक बड़ी चुनौती है। भगवान गणेश को ज्ञान और कल्याण का प्रतीक माना जाता है। पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस त्योहार को मनाएं, जिससे एक अधिक टिकाऊ और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में योगदान मिल सके। आयोजन में श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति के संयोजक चक्रवर्ती विजय नावड़, अध्यक्ष आनंदराव सूर्यवंशी, महामंत्री अन्ना मोरे, वरिष्ठ संरक्षक संतोष पाटिल, अशोक शिंदे, कोषाध्यक्ष हनुमान शिंदे आदि ने भी भागीदारी की।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

