आकाशवाणी वाराणसी से नाटी इमली के ऐतिहासिक भरत मिलाप का होगा सजीव प्रसारण
न्यूज ऑन एआईआर ऐप, वेव ओटीटी और डीटीएच के जरिए देश-विदेश के श्रोता भी जुड़ सकेंगे आयोजन से
वाराणसी, 21 अक्टूबर (हि.स.)। धर्म, आस्था और काशी की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के प्रतीक नाटी इमली के विश्वप्रसिद्ध भरत मिलाप का सजीव प्रसारण आकाशवाणी वाराणसी से किया जाएगा। चित्रकूट रामलीला समिति की ओर से आयोजित यह ऐतिहासिक लीला काशी के प्रमुख लक्खा मेलों में शुमार है। गुरुवार को गोधूलि बेला में संपन्न होने वाले इस आयोजन का देश-विदेश के श्रोता न्यूज ऑन एआईआर ऐप, वेव ओटीटी और डीटीएच के माध्यम से भी श्रवण एवं दर्शन कर सकेंगे।
आकाशवाणी वाराणसी के सहायक निदेशक (कार्यक्रम प्रमुख) प्रफुल्ल कुमार सिन्हा ने बताया कि काशी की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक श्रोता समुदाय तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस विशेष प्रसारण की व्यवस्था की गई है। भरत मिलाप का सजीव प्रसारण अपराह्न 3:45 बजे से मीडियम वेव 1242 किलोहर्ट्ज और विविध भारती एफएम 100.6 मेगाहर्ट्ज पर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नाटी इमली का भरत मिलाप वाराणसी के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में विशिष्ट स्थान रखता है। भगवान श्रीराम और उनके अनुज भरत के भावपूर्ण मिलन पर आधारित यह लीला काशी की प्राचीन रामलीला परंपरा, जन आस्था और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। आकाशवाणी के सजीव प्रसारण के जरिए आयोजन स्थल से दूर रहने वाले श्रद्धालु और श्रोता भी इस ऐतिहासिक परंपरा से जुड़ सकेंगे।
-विशेषज्ञों की कमेंट्री से मिलेगा ऐतिहासिक और धार्मिक प्रसंगों का परिचय
इस विशेष प्रसारण में मीडिया विशेषज्ञ प्रो. राममोहन पाठक और आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक अरुण कुमार पाण्डेय कमेंट्री करेंगे। प्रो. पाठक भरत मिलाप की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, धार्मिक महत्ता, सांस्कृतिक परंपराओं और श्रीराम-भरत मिलन के भावनात्मक पक्ष पर प्रकाश डालेंगे। वहीं, वरिष्ठ उद्घोषक अरुण कुमार पाण्डेय आयोजन के प्रमुख प्रसंगों, उनकी विशिष्टताओं और संबंधित जानकारियों को क्रमबद्ध ढंग से श्रोताओं तक पहुंचाएंगे। आयोजन स्थल से आशुतोष कुमार अपनी प्रत्यक्ष कमेंट्री के माध्यम से वहां के माहौल, श्रद्धालुओं की उपस्थिति, तैयारियों और लीला के दौरान घटित होने वाले प्रमुख दृश्यों का आंखों देखा हाल प्रस्तुत करेंगे। इससे रेडियो के श्रोता भी आयोजन की जीवंतता और उत्सवी वातावरण का अनुभव कर सकेंगे।
-सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने की पहल
प्रफुल्ल कुमार सिन्हा ने कहा कि आकाशवाणी वाराणसी क्षेत्र की सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक और लोककलात्मक विरासत के संरक्षण तथा उसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत है। नाटी इमली के भरत मिलाप का सजीव प्रसारण इसी प्रयास की महत्वपूर्ण कड़ी है।
उन्होंने कहा कि लोक आस्था से जुड़े ऐसे आयोजनों को रेडियो के माध्यम से प्रस्तुत करने से न केवल सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों में रहने वाले लोगों को भी काशी की गौरवशाली विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है। प्रफुल्ल कुमार सिन्हा ने श्रोताओं से इस विशेष सजीव प्रसारण से जुड़ने और काशी की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपरा के इस अनूठे आयोजन का सहभागी बनने की अपील की।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

