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वाराणसी : टंकी रखने की बाध्यता होगी खत्म, इंदिरा नगर में अब 24 घंटे होगी पेयजल आपूर्ति

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—पायलट प्रोजेक्ट में नगर निगम की महत्वाकांक्षी योजना, नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण

वाराणसी, 12 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी जनपद के चितईपुर स्थित इंदिरा नगर कॉलोनी के निवासियों को अब पेयजल संकट से नहीं जूझना होगा। नगर निगम के पायलट प्रोजेक्ट के तहत यहां चौबीस घंटे सातों दिन पेयजल आपूर्ति योजना की शुरुआत होने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पूर्ण होते ही क्षेत्र के लोगों को चौबीसों घंटे शुद्ध पेयजल की आपूर्ति मिलेगी और उन्हें अपने घरों की छतों पर पानी की टंकी रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। योजना में 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है, जिसे जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की तैयारी है।

कार्य में तेजी लाने के लिए शुक्रवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नेवादा वार्ड स्थित इंदिरा नगर कॉलोनी में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया और गुणवत्ता के साथ कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) द्वारा बताया गया कि प्रयागराज के अनुबंधित फर्म के माध्यम से यहां 2200 किलो लीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। वर्तमान में भौतिक प्रगति करीब 52 प्रतिशत पाई गई। नगर आयुक्त ने कार्य की गति को और बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने फर्म के प्रतिनिधि पवन कुमार से कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम को हर हाल में पूरा करने के लिए श्रमिकों और संसाधनों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए। लापरवाही या देरी की स्थिति में फर्म के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त स्वयं दस दिन बाद दोबारा योजना की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

—सीवर लाइन कार्य को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण करने के निर्देश

पेयजल योजना का जायजा लेने के बाद नगर आयुक्त ने इंदिरा नगर कॉलोनी में जलकल विभाग द्वारा बिछाई जा रही सीवर लाइन के कार्यों का भी मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि सीवर लाइन बिछाने का काम पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए।

—अस्सी नाले से जुड़ने वाले नाले की होगी 'तली झाड़ सफाई'

इस कड़ी में नगर आयुक्त ने इंदिरा नगर कॉलोनी से अस्सी नाले को जोड़ने वाले नाला सफाई कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने वर्षाकाल और जलभराव की स्थिति को देखते हुए निर्देश दिया कि नाले की तली झाड़ सफाई (पूरी गहराई तक सफाई) समय रहते सुनिश्चित की जाए।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी