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वाराणसी : 15 नवंबर के बाद बकाएदार भवन स्वामियों पर नगर निगम कसेगा शिकंजा, मकान होंगे कुर्क

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वाराणसी : 15 नवंबर के बाद बकाएदार भवन स्वामियों पर नगर निगम कसेगा शिकंजा, मकान होंगे कुर्क


—वाराणसी शहर के 97,872 मकानों का अटका है 298 करोड़ का टैक्स, 86 करोड़ की छूट के बावजूद करदाता बेपरवाह

वाराणसी, 06 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में जिन भवन स्वामियों ने अब तक अपने मकान का बकाया टैक्स जमा नहीं किया है, तो वे सावधान हो जाए! नगर निगम से मिलने वाली भवन कर में छूट का समय तेजी से निकल रहा है। इसके बाद नगर निगम की कोई भी रियायत काम नहीं आएगी, बल्कि सीधा शिकंजा कसा जाएगा।

प्रदेश शासन के निर्देश पर लागू एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की मियाद खत्म होते ही निगम बकाएदारों के घर कुर्की का नोटिस लेकर पहुंचेगा।

नगर निगम के जनसम्पर्क अधिकारी संदीप कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार को बताया कि नगर क्षेत्र के 97,872 भवनों पर इस समय ब्याज और सरचार्ज मिलाकर 298 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बकाया है। इसमें से करीब 86 करोड़ रुपये केवल सरचार्ज (ब्याज) का है, जिसे सरकार ओटीएस के तहत पूरी तरह माफ कर रही है लेकिन इस बंपर छूट के बावजूद शहर के भवन स्वामी ढिलाई बरत रहे हैं। ओटीएस लागू हुए डेढ़ माह बीत चुके हैं, लेकिन 97 हजार से अधिक बकाएदारों में से महज 6,810 लोगों ने ही पोर्टल पर पंजीकरण कराने की जहमत उठाई है। वहीं इनमें से भी सिर्फ 2,476 भवन स्वामियों ने अपने भवन का कर 3.96 करोड़ रुपये का राजस्व जमा किया है। बाकी करदाता अब भी अंतिम तारीख के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं, जो उन्हें भारी पड़ सकता है।

पंजीकरण कराएं, 31 दिसंबर तक पाएं छूट का लाभ

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि ओटीएस का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि 15 नवंबर ही तय की गई है। इसके बाद किसी को दोबारा मोहलत नहीं मिलेगी। जो भवन स्वामी 15 नवंबर तक अपना पंजीकरण करा लेंगे, उन्हें 31 दिसंबर तक टैक्स जमा करने पर ओटीएस का पूरा लाभ दिया जाएगा, लेकिन यदि 15 नवंबर तक पंजीकरण ही नहीं कराया गया, तो ऐसे भवन स्वामियों को मूल बकाये के साथ पूरा सरचार्ज देना होगा । उन्होंने बताया कि बकाएदारों को एसएमएस और फोन कॉल के माध्यम से लगावार रिमाइंडर भेजकर सचेत भी किया जा रहा है ताकि समय रहते वह अपना पंजीकरण करा लें । नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जो भवन स्वामी निर्थारित समय सीमा के भीतर अपना कर जमा नहीं करते हैं, उनके खिलाफ मकान व संपत्ति कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। ऐसे में विधिक कार्यवाई से बचना है, तो तुरंत ओटीएस का लाभ उठाकर अपना टैक्स जमा करें।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी