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वाराणसी : सामने घाट में गंगा किनारे 35 बिस्वा जमीन अवैध कब्जे से मुक्त, प्लाटिंग और बाउंड्रीवाल ध्वस्त

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वाराणसी : सामने घाट में गंगा किनारे 35 बिस्वा जमीन अवैध कब्जे से मुक्त, प्लाटिंग और बाउंड्रीवाल ध्वस्त


वाराणसी : सामने घाट में गंगा किनारे 35 बिस्वा जमीन अवैध कब्जे से मुक्त, प्लाटिंग और बाउंड्रीवाल ध्वस्त


नगर निगम की टीम ने चलाया अभियान, गंगा के जल प्रवाह क्षेत्र तक किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही

वाराणसी,07 नवम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को सामने घाट क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे करीब 35 बिस्वा जमीन पर की गई अवैध प्लाटिंग और बाउंड्रीवाल निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, जो देर शाम तक जारी रही।

जानकारी के अनुसार, सामने घाट क्षेत्र में गंगा किनारे बड़े पैमाने पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर बाउंड्रीवाल बनाए जाने की शिकायत मिली थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने राजस्व विभाग की टीम को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने और नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

नगर निगम की राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो बड़े पैमाने पर अतिक्रमण का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि कब्जेदारों ने गंगा नदी के किनारे की जमीन पर ही नहीं, बल्कि नदी के जल प्रवाह क्षेत्र तक अवैध कब्जा कर लिया था। यहां बाउंड्रीवाल बनाने के साथ सीढ़ियों का भी निर्माण करा दिया गया था। इसके बाद नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। अभियान के दौरान कुछ कब्जेदारों ने स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए समय देने का अनुरोध भी किया।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्पष्ट किया कि नगर निगम क्षेत्र में सरकारी जमीन, सार्वजनिक स्थलों और गंगा नदी के किनारे अथवा उसके जल प्रवाह क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध प्लाटिंग, बाउंड्रीवाल निर्माण और सरकारी भूमि पर अनधिकृत कब्जा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा कर उसका निजी इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शहर में ऐसे सभी स्थलों को चिह्नित कर उनकी नियमित निगरानी की जाए। जहां भी सरकारी अथवा सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण पाया जाए, वहां बिना किसी दबाव या पक्षपात के तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

नगर निगम ने अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी है कि वे स्वयं अवैध कब्जा और निर्माण हटा लें, अन्यथा प्रशासन की ओर से नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही गंगा के प्राकृतिक जल प्रवाह क्षेत्र को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी