वाराणसी नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में समाजवादी पार्टी ने गठबंधन धर्म नहीं निभाया : राघवेंद्र चौबे
वाराणसी, 18 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले ही इंडी गठबंधन में राजनीतिक समीकरणों को लेकर खटास और मतभेद दिखने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव में गठबंधन के प्रमुख दल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में टकराहट व मतभेद साफ खुलकर सामने आ गया। वाराणसी नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव को लेकर शनिवार को वाराणसी महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने अपने पार्टी के पार्षदों के साथ पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि सपा ने गठबंधन धर्म नही निभाया।
उन्होंने दो टूक कहा कि निगम के कार्यकारिणी चुनाव में सपा ने अपने वचन का उल्लंघन किया है। इसके लिए उन्होंने सीधे तौर पर सपा महानगर अध्यक्ष और पार्षद दल के नेता को जिम्मेदार ठहराया। पत्रकार वार्ता में चौबे ने बताया कि पिछले नगर निगम के कार्यकारिणी चुनाव में, कांग्रेस ने पूरी निष्ठा और समर्थन के साथ समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों का साथ दिया था, जिसके परिणामस्वरूप सपा के पार्षद अमरदेव यादव और प्रमोद यादव निर्वाचित हुए थे।
उन्होंने कहा कि उस समय सपा के नेताओं और पार्षद दल ने लिखित में आश्वासन दिया था कि आगामी चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी को समर्थन मिलेगा। लेकिन इस बार जब कांग्रेस ने अपने अधिकृत प्रत्याशी और पार्टी के नेता गुलशन अंसारी को मैदान में उतारा, तो सपा का स्थानीय नेतृत्व अपने ही वचन से मुकर गया। चौबे ने कहा, यह गठबंधन की भावना और राजनीतिक नैतिकता के खिलाफ है, जिसने पार्टी के बीच विश्वास को आघात पहुंचाया है।
राघवेंद्र चौबे ने कहा कि कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी और शीर्ष नेतृत्व को सौंपेगी, और स्पष्ट करेगी कि वाराणसी में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने लिखित आश्वासन का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदैव अपने सहयोगियों का सम्मान करती आई है, लेकिन इस बार सपा के स्थानीय नेतृत्व ने अपने वचन से पीछे हटकर जनता और कार्यकर्ताओं का भरोसा तोड़ा है।
इस दौरान कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अली, रमजान अली, तुफैल, ओकाश अंसारी, बेलाल अहमद, धीरज सोनकर और किशन यादव सहित अनेक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

