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वाराणसी में तेज आंधी,गरज—चमक के साथ हुई बारिश,टिन शेड और छप्पर उड़े, पेड़ गिरेे

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वाराणसी में तेज आंधी,गरज—चमक के साथ हुई बारिश,टिन शेड और छप्पर उड़े, पेड़ गिरेे


वाराणसी में तेज आंधी,गरज—चमक के साथ हुई बारिश,टिन शेड और छप्पर उड़े, पेड़ गिरेे


—तेज धूप और उमस के बीच मौसम के बदले मिजाज से राहत

वाराणसी, 13 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी सहित आसपास के जिलों में बुधवार शाम चार बजे के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह से अपरान्ह तक तल्ख धूप और उमस के बाद अचानक तेज आंधी और बादलों की गरज—चमक के बीच बारिश से जहां टिन शेड और छप्पर उड़ गए। वहीं,कई जगहों पर पेड़ की डालियां टूट कर गिरी तो कहीं पेड़ जड़ से उखड़ कर गिर गए। तेज अंधड़ और काले घुमड़ते बादलों से शाम को ही अंधेरा पसर गया। लोग वाहनों की लाइट जलाकर आते—जाते रहे।

आंधी तूफान की वजह से मंडुवाडीह के कंदवा स्थित कर्दमेश्वर महादेव मंदिर के पास नीम का पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। लोहता थाना क्षेत्र के कोरौता पटेल बस्ती में आंधी के कारण एक विशाल नीम का पेड़ उखड़कर वहीं बंधी भैंस पर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। भैंस के पालक महादेव पटेल और उनके परिजन भैंस की मौत पर दुखी हो गए। जनपद और पूर्वांचल के जनपदों में कई जगहों पर पेड़ की डालियां टूटने से यातायात भी बाधित रहा। कुछ जगहों पर बिजली के खंभे भी आंधी पानी से गिर गए।

मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बादलों की आवाजाही का संकेत दिया है। पूर्वांचल के जिलों में आंधी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। उधर,तेज आंधी और बारिश के बीच गंगा नदी में नौका चलती रही। संयोग ही रहा कि आंधी के बावजूद कोई हादसा नही हुआ। इसको लेकर लोग सोशल मीडिया में तल्ख प्रतिक्रिया देते रहे।

जिला प्रशासन ने भी निर्देश दिया था कि तेज हवा और खराब मौसम में नौका संचालन नहीं होगा। उधर,वाराणसी में सुबह 10 बजे से लोकल हीटिंंग के चलते मौसम का मिजाज बदलने का संकेत मिल रहा था। जनपद में पिछले चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम रहा। रात 09 बजे अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी