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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पांच एमओयू पर हस्ताक्षर, युवा उद्यमिता पर जोर

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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पांच एमओयू पर हस्ताक्षर, युवा उद्यमिता पर जोर


महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पांच एमओयू पर हस्ताक्षर, युवा उद्यमिता पर जोर


वाराणसी, 29 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के अर्थशास्त्र विभाग की ओर से शुक्रवार को परिसर स्थित डॉ. भगवानदास सेंट्रल लाइब्रेरी समिति कक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन एवं स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, चांदपुर के साथ पांच एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने छात्र-छात्राओं को युवा उद्यमिता की ओर प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में देश की प्रगति युवाओं के सशक्त हाथों में है। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला बनना होगा।

कुलपति ने विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को उद्योग जगत की वर्तमान आवश्यकताओं एवं संभावनाओं से अवगत कराते हुए कहा कि शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर सहभागिता से युवाओं के लिए नए अवसर विकसित होंगे और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को मजबूती मिलेगी।

कार्यशाला में मुख्य वक्ता रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष दयाशंकर मिश्रा तथा स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, चांदपुर के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने छात्रों को वर्तमान बाजार व्यवस्था को समझते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि अनुशासन, सक्रिय सहभागिता और कठिन परिश्रम के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। दोनों वक्ताओं ने उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय, कौशल विकास, रोजगारपरक शिक्षा और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विस्तार से अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में सुरेंद्र सोनी, राकेश जायसवाल और अंजनी कुमार सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। डीन आउटरीच प्रो. संजय ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चर्चा करते हुए कहा कि वियतनाम, कंबोडिया, लाओस और थाईलैंड जैसे देशों के युवा कौशल और नवाचार पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार वियतनाम, कंबोडिया, लाओस, थाईलैंड आदि के युवा कौशल और नवाचार पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके कार्य घंटे 14 घंटे के करीब हैं। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं को भी निरंतर मेहनत और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन एवं संयोजन विभागाध्यक्ष प्रो. अंकिता गुप्ता ने किया, जबकि समन्वयन प्रो. राकेश कुमार तिवारी एवं डॉ. उर्जस्विता सिंह ने संभाला।

कार्यशाला में प्रो. पारस नाथ मौर्य, वित्त अधिकारी हरीशंकर मिश्र, कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, समाज विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. रेखा, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, डॉ. जयशंकर प्रसाद सिंह की खास उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन निशु एवं ईश ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. राकेश कुमार तिवारी ने दिया।

कार्यशाला में अर्थशास्त्र विभाग के शोध छात्र-छात्राएं अन्नपूर्णा जूही ,रिफत, सोनल, शिखा,अखिलेन्द्र,केतन,अंजय,अंशुमान,दीक्षा, प्रिया,ज्योति,श्वेता, आकांक्षा एवं परास्नातक प्रथम वर्ष के छात्र -छात्राए श्वेता,पूजा, प्रशांत,शिवम, अश्विनी, मनीष आदि उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी