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नमामि गंगे ने मणिकर्णिका तीर्थ पर चलाया स्वच्छता अभियान,गंगा की निर्मलता का दिया संदेश

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नमामि गंगे ने मणिकर्णिका तीर्थ पर चलाया स्वच्छता अभियान,गंगा की निर्मलता का दिया संदेश


वाराणसी,14 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में गुरूवार को नदियां सिर्फ पूजा का माध्यम नहीं, जीवन का आधार हैं। अगर हम सच में उन्हें पवित्र मानते हैं, तो उनकी स्वच्छता बनाए रखना ही हमारा सच्चा धर्म और कर्म है, यह संदेश मणिकर्णिका तीर्थ पर दिया गया। नमामि गंगे के स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं ने मणिकर्णिका तीर्थ पर स्वच्छता अभियान भी चलाया।

मणिकर्णिका घाट गंगा तट पर इधर-उधर बिखरी गंदगी को समेट कर कूड़ेदान में पहुंचाने के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्र से संदेश दिया कि गंगा नदी भारत की आध्यात्मिक एवं आर्थिक जीवन रेखा है, और जनभागीदारी के साथ इसकी निर्मलता एवं अविरलता बनाए रखना सभी का सर्वोच्च दायित्व है। घाट पर उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को स्वच्छता का संकल्प दिलाकर पवित्र तीर्थों पर गंदगी न करने का आग्रह भी किया गया। गंगा सेवक राजेश शुक्ल ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ शहर की पहचान नहीं बनाती, यह यात्रियों के मन में अपनापन और सुकून भी छोड़ जाती है। जब घाट स्वच्छ हों, गंगा निर्मल दिखे और लोग जागरूक हों, तभी यात्री खुश होते हैं, समाज खुश होता है और शहर की पहचान और मजबूत बनती है। काशी आज सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि स्वच्छता और जनभागीदारी का भी सुंदर उदाहरण बन रही है। गंगा हमारे जीवन के हर क्षेत्र से जुड़ी है और इसकी निर्मलता एवं अविरलता हमारा सर्वोच्च दायित्व है। स्वच्छता और जागरूकता के दौरान नमामि गंगे काशी क्षेत्र के स्वयंसेवी आनंद शर्मा, राधा शर्मा, विवेक शर्मा, अवंतिका शर्मा, कृतिका शर्मा,आयांश शर्मा, रोहित शर्मा आदि भी उपस्थित रहे ।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी