निर्माण के दौरान भी निर्बाध रहेगी चिकित्सा सेवा, कबीरचौरा में बनेगा 500 बेड का मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हाईटेक अस्पताल
वाराणसी, 02 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गुरुवार को कबीरचौरा स्थित श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय राजकीय चिकित्सालय परिसर में 315.48 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 500 बेड के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हाईटेक अस्पताल परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने मंडलीय महिला चिकित्सालय के एमएच विंग सभागार में संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक कर निर्माण कार्य और मरीजों के सुचारु उपचार को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार, एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार, जिला महिला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी एवं सहायक अभियंता तथा निर्माण कार्य कर रही महालासा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा के प्रबंध निदेशक एवं अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल निर्माण के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए एसएसपीजी अस्पताल में संचालित चिकित्सा सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से मंडलीय महिला चिकित्सालय परिसर के नवनिर्मित एमएच विंग में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने एक माह के भीतर एमएच विंग में अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा तथा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी वार्डों में प्रत्येक बेड तक केंद्रीकृत ऑक्सीजन आपूर्ति, स्वच्छ शौचालय, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। साथ ही निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए पर्याप्त क्षमता वाले जनरेटर की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। कार्यदायी संस्था को एमएच विंग में मरीजों के स्थानांतरण से जुड़े सभी कार्य युद्धस्तर पर अभियान चलाकर एक माह के भीतर पूर्ण करने को कहा गया।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय राजकीय चिकित्सालय में 315.48 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य पूर्वांचल के लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
परियोजना के अंतर्गत अस्पताल के जर्जर भवनों को ध्वस्त कर बेसमेंट सहित आठ मंजिला (जी+8) मुख्य अस्पताल भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के आवास के लिए बेसमेंट सहित 14 मंजिला (जी+14) अलग टावर भी बनाया जाएगा।
नवनिर्मित अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी एवं न्यूरो सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रो मेडिसिन, प्लास्टिक सर्जरी तथा डायलिसिस जैसी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा 47 आईसीयू बेड, अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, एडवांस लैब सहित आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं भी मरीजों को मिलेंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

