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वाराणसी: राजस्थानी परिवेश में धूमधाम से निकली गणगौर शोभायात्रा, मां गवरजा की भव्य झांकी पर पुष्पवर्षा

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वाराणसी, 21 मार्च (हि.स.)। श्री गवरजा माता उत्सव समिति, वाराणसी के तत्वावधान में शनिवार को शहर की सड़कों पर राजस्थानी संस्कृति की रंगीन छटा बिखेरती गणगौर शोभायात्रा निकाली गई। काशी गौशाला, मैदागिन गोलघर से प्रारंभ हुई इस शोभायात्रा का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष कमल अग्रवाल, मंत्री राम बूबना, कोषाध्यक्ष लाला चांडक एवं पवन कुमार अग्रवाल ने मां गणगौर के विधिवत पूजन के साथ संयुक्त रूप से किया।

शोभायात्रा में सबसे आगे भगवान शंकर (ईशरजी) एवं माता पार्वती (गवरजा) के सुसज्जित स्वरूप आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। उनके पीछे संस्था का बैनर, बैंड-बाजा, डमरू वादक, ढोल एवं शहनाई वादक पारंपरिक धुनों पर वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। राजस्थानी एवं हरियाणवी समुदाय के लोग ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर जयघोष करते हुए नाचते-गाते चल रहे थे।

शोभायात्रा में एक रथ पर विघ्नहर्ता विनायक जी की प्रतिमा विराजमान थी, जबकि दूसरे रथ पर मां गणगौर की भव्य प्रतिमा स्थापित थी, जहां से भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया जा रहा था।

शोभायात्रा निकलने पर प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समिति को शुभकामनाएं देते हुए मां गवरजा को नमन किया। वहीं, भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, उद्योगपति आर.के. चौधरी, दीपक बजाज एवं उमाशंकर अग्रवाल आदि भी शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा का मार्ग बुलानाला, नीचीबाग, चौक, बांसफाटक, गोदौलिया, गिरजाघर होते हुए लक्सा स्थित श्याम मंदिर तक रहा, जहां सायं लगभग 5:30 बजे यात्रा का समापन हुआ।

इस दौरान मार्ग में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से जगह-जगह पुष्पवर्षा एवं शीतल पेय से स्वागत किया गया। श्याम मंदिर पहुंचने के बाद समाज की महिलाओं एवं कन्याओं ने मां गणगौर का विधिवत पूजन किया तथा घरों में पूजी गई प्रतिमाओं का लक्ष्मीकुंड में विधि-विधान से विसर्जन किया गया। समिति के प्रचार मंत्री गौरव राठी ने बताया कि महिलाएं एवं कन्याएं होली से प्रारंभ होकर 15 दिनों तक घरों में मां गणगौर की पूजा-अर्चना करती हैं और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी