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सावन से पहले काशी में गूंजा 'बोलबम', कांवड़ियों का आगमन शुरू

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सावन से पहले काशी में गूंजा 'बोलबम', कांवड़ियों का आगमन शुरू


सावन से पहले काशी में गूंजा 'बोलबम', कांवड़ियों का आगमन शुरू


- गंगा के बढ़ते जलस्तर से घाटों पर बढ़ाई गई सुरक्षा, मणिकर्णिकाघाट पर रत्नेश्वर महादेव मंदिर जलमग्न

वाराणसी, 22 जुलाई (हि.स.)। भगवान शिव के प्रिय सावन मास के आगमन में अभी लगभग एक सप्ताह का समय शेष है, लेकिन धर्मनगरी काशी में शिवभक्ति का उत्साह अभी से चरम पर पहुंचने लगा है। बाबा विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से कांवड़ियों का आगमन शुरू हो गया है। बुधवार को दशाश्वमेध घाट समेत विभिन्न गंगा घाटों पर शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा क्षेत्र 'हर-हर महादेव' व 'बोलबम' के जयघोष से गुंजायमान रहा।

कांवड़िए गंगा स्नान कर पारंपरिक विधि से कांवर में गंगाजल भरकर श्री काशी विश्वनाथ धाम की ओर रवाना हुए। विश्वनाथ मंदिर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर दिनभर शिवभक्ति का माहौल बना रहा और श्रद्धालु भक्ति-भाव से जलाभिषेक के लिए पहुंचते रहे।

बढ़ते जलस्तर के बीच सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद

वाराणसी में गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और चौकसी बढ़ा दी है। जल पुलिस सभी 84 घाटों पर लगातार निगरानी कर रही है। घाटों के किनारे बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से गहरे पानी में न उतरने की अपील की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

नेमी श्रद्धालुओं की बढ़ीं मुश्किलें

गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्रतिदिन स्नान करने वाले नेमी (नियमित गंगा स्नान करने वाले) श्रद्धालुओं की परेशानी भी बढ़ गई है। इसके बावजूद आस्था के चलते श्रद्धालु बाढ़ के पानी में भी स्नान और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। बढ़ते जलस्तर का असर घाटों के किनारे स्थित मंदिरों पर भी दिखाई देने लगा है। मोक्षतीर्थ मणिकर्णिका घाट स्थित ऐतिहासिक रत्नेश्वर महादेव मंदिर पूरी तरह गंगा की लहरों में समा गया है। मंदिर परिसर और शिवलिंग जलमग्न होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और वे जलमग्न मंदिर के समीप पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

वाराणसी समेत कई जिलों में गंगा का जलस्तर स्थिर

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार सुबह आठ बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 60.94 मीटर दर्ज किया गया, जो स्थिर रहा। बलिया में जलस्तर 52.04 मीटर तथा गाजीपुर में 53.88 मीटर दर्ज किया गया, जहां भी जलस्तर स्थिर बना हुआ है। वहीं आजमगढ़ में गंगा का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहा और सुबह आठ बजे 67.25 मीटर दर्ज किया गया। इसके अलावा फाफामऊ, प्रयागराज और मीरजापुर में भी गंगा का जलस्तर स्थिर बना रहा।

सावन से पहले ही शिवमय हुई काशी

सावन की औपचारिक शुरुआत से पहले ही काशी शिवभक्ति के रंग में रंग चुकी है। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या और गंगा घाटों पर उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक कर सकें।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी