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काशी विश्वनाथ धाम में सोमवासरीय रुद्राभिषेक, श्री अविमुक्तेश्वर महादेव की वैदिक विधि से आराधना

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काशी विश्वनाथ धाम में सोमवासरीय रुद्राभिषेक, श्री अविमुक्तेश्वर महादेव की वैदिक विधि से आराधना


वाराणसी, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम में सोमवार को परंपरा के अनुरूप सोमवासरीय रुद्राभिषेक का आयोजन श्रद्धा और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के संकल्प के अनुसार, धाम परिसर स्थित श्री अविमुक्तेश्वर महादेव का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत रुद्राभिषेक एवं संकल्प पाठ किया गया। इस दौरान देश और प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की गई।

मंदिर न्यास द्वारा प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाला यह धार्मिक अनुष्ठान निरंतर जारी है। वर्ष 2024 के कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि से प्रारंभ हुई इस परंपरा के तहत नियमित रूप से श्री अविमुक्तेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया जा रहा है। सोमवार होने के कारण मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में पहुंचे शिवभक्तों ने रुद्राभिषेक और पूजन-अर्चन में सहभागिता कर बाबा विश्वेश्वर से अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए सुख, शांति एवं समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। पूरे धाम में वैदिक मंत्रों, हर-हर महादेव के जयघोष और भक्तिमय वातावरण ने आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।

मंदिर न्यास के अनुसार धाम में हर सोमवार को होने वाला रुद्राभिषेक और संकल्प पाठ का क्रम बिना किसी रुकावट के जारी है। ऐसे धार्मिक अनुष्ठान न केवल सनातन परंपराओं को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और लोककल्याण की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं। सोमवासरीय रुद्राभिषेक भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और समर्पण का विशेष पर्व माना जाता है, जिसमें देशभर से आने वाले श्रद्धालु आस्था के साथ सहभागिता करते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी