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सावन मास के दूसरे दिन भी काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब

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—कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर बाबा विश्वनाथ के दरबार तक गूंजा 'हर-हर महादेव' का जयघोष

वाराणसी,31 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी में श्रावण मास के दूसरे दिन शुक्रवार को भी श्री काशी विश्वनाथ धाम में शिवभक्तों और कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ी। अलसुबह से ही श्रद्धालु पवित्र गंगा में स्नान कर गंगाजल लेकर बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए कतारबद्ध होकर मंदिर पहुंचते रहे। वहीं, चौबेपुर के कैथी स्थित प्रसिद्ध मार्कंडेय महादेव धाम में भी दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक कांवड़ियों के जत्थे 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष के साथ आगे बढ़ते दिखाई दिए। पूरे मार्ग और धाम परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में रेड कार्पेट बिछाया गया है, जिससे कांवड़ियों और दर्शनार्थियों को सुगमता से आवागमन में मदद मिल रही है।

श्रावण मास में उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी में जुटे हैं।

उल्लेखनीय है कि सावन के पहले दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन-पूजन किए थे। प्रशासन का अनुमान है कि पूरे सावन माह में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होगी।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अनुसार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से धाम परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को व्यवस्थित एवं सहज दर्शन मिल सकें। स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र, चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर शुद्ध पेयजल, ग्लूकोज, ओआरएस, विश्राम स्थल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से धाम की सभी व्यवस्थाओं पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निर्णय लेकर व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाया जा रहा है। नेमी भक्तों के साथ-साथ देश-विदेश से आए पर्यटक भी धाम के सातों प्रवेश द्वारों से मंदिर में पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के पावन ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए धाम परिसर में हेल्पडेस्क, सूचना केंद्र, खोया-पाया केंद्र सहित अन्य आवश्यक सेवाएं भी सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे दर्शन व्यवस्था व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनी हुई है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी