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काशी में दो चरणों में डिजिटल जनगणना,गोपनीयता का पूरा ध्यान

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काशी में दो चरणों में डिजिटल जनगणना,गोपनीयता का पूरा ध्यान


—21 मई तक खुला ऑनलाइन पोर्टल, 33 सवालों के जवाब देकर नागरिक खुद बन सकते हैं सहभागी

वाराणसी,07 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में देश की पहली डिजिटल जनगणना-2026 का शंखनाद बुधवार से हो गया। जनगणना-2026 के महापर्व में जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी शुरू कर दी है। अभियान के पहले दिन नगर के प्रथम नागरिक महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सिगरा स्थित अपने आवास पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज कर स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत की। इस दौरान नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भी मौजूद रही। विवरण दर्ज करने के बाद महापौर ने कहा कि डिजिटल जनगणना न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि देश के भविष्य और विकास योजनाओं को तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए स्व-गणना कर ली है। काशीवासियों से मेरा विनम्र अनुरोध है कि वे भी आगे आएं और अपनी जानकारी पोर्टल पर साझा करें। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त संगम लाल, जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्र भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने महापौर को डिजिटल पोर्टल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

—विधायक सौरभ ने भी दर्ज की स्व-गणना

पहले दिन कैंट विधानसभा के भाजपा विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने शिवाजी नगर स्थित अपने आवास पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज कर 'स्व-गणना' की। इस दौरान नगर निगम के कर अधीक्षक जय कुमार मौजूद रहे। विधायक ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए जनता से बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील की। दूसरी ओर कोतवाली जोन में भी जनगणना के प्रथम चरण (मकान गणना और नंबरिंग) का औपचारिक शुभारंभ हुआ। यहां इस कार्य की शुरुआत शहर के समाजसेवी और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. शिव सुन्दर गांगुली (एक्जीक्यूटिव मेम्बर, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी व पूर्व डिप्टी चीफ वार्डेन, सिविल डिफेंस) के आवास से की गई। इस प्रक्रिया के दौरान सहायक चार्ज अधिकारी सुश्री दिलशाद हिदायत और नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार, न्यूमरेटर केशव कृष्ण कश्यप भी मौजूद रहे।

—21 मई तक खुद भर सकेंगे फॉर्म, एसई आईडी को संभाल कर रखना जरूरी

जनगणना के इस पहले चरण में नागरिकों को यह विशेष सुविधा दी गई है कि वे 21 मई तक आधिकारिक पोर्टल (https://se.census.gov.in) पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। मोबाइल नंबर और नाम के माध्यम से ओटीपी सत्यापन होने के बाद 33 महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देने होंगे। फॉर्म सबमिट होते ही एक 11 अंकों की एसई आईडी जेनरेट होगी। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, जो परिवार खुद विवरण भरेंगे, उन्हें 22 मई से घर-घर आने वाले प्रगणकों को केवल यह आईडी दिखानी होगी। इससे उन्हें दोबारा लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। वाराणसी में जनगणना का यह पहला चरण (हाउसलिस्टिंग एवं हाउसिंग) जून तक चलेगा। इसके बाद वर्ष 2027 के प्रारंभ में दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या व जातिगत आंकड़े जुटाए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर साझा की गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय हैं। प्रक्रिया के दौरान किसी भी नागरिक से बैंक विवरण या व्यक्तिगत दस्तावेज नहीं मांगे जा रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी