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वाराणसी: नगर आयुक्त का अल्टीमेटम, 15 दिनों में नगर निगम को हैंडओवर हो भिटकुरी कान्हा गौशाला

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वाराणसी: नगर आयुक्त का अल्टीमेटम, 15 दिनों में नगर निगम को हैंडओवर हो भिटकुरी कान्हा गौशाला


-नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण, दिया समय सीमा का अनुपालन करने का सख्त अल्टीमेटम

-सुरक्षा के लिए मेन गेट पर वाई-शेप एंगल के साथ लगेंगी राउंडेड सिक्योरिटी फेंस वायर

वाराणसी, 09 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अब भिटकुरी कान्हा गौशाला की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौंबद होगी। रविवार को आयुक्त हिमांशु नागपाल ने गौशाला के मेन गेट पर वाई-शेप एंगल के साथ राउंडेड सिक्योरिटी फेंस वायर लगाने तथा पशुओं की सुविधा के लिए चरही की गहराई कम कर उन्हें अर्धगोलाकार रूप में ढालने के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कार्यदायी संस्था को सभी कमियों को दूर करते हुए 15 दिनों के भीतर गौशाला को नगर निगम को हैंडओवर करने का अल्टीमेटम दिया। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने भिटकुरी स्थित निर्माणाधीन कान्हा गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) द्वारा बनाए जा रहे इस परिसर में सुरक्षा, स्वच्छता और पशुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान बाउंड्रीवाल में जगह-जगह खाली स्थान मिलने पर नगर आयुक्त ने उन्हें तत्काल भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेन गेट एवं वरूणा नदी की तरफ की बाउंड्रीवाल से पुरानी फेंसिंग हटाकर वाई-शेप एंगल के साथ राउंडेड सिक्योरिटी फेंस वायर लगाई जाए। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र की गौशाला की तरफ तथा पीछे की बाउंड्रीवाल में दो के स्थान पर चार कटीले तारों से फेंसिंग करने को कहा। मुख्य गेट की सुरक्षा के संबंध में उन्होंने निर्देश दिया कि गेट के ऊपर गौशाला का नाम अंकित कराया जाए और उसे अच्छी शीट लगाकर बंद किया जाए ताकि कोई आवारा कुत्ता या जंगली जानवर अंदर प्रवेश न कर सके। गेट की ऊंचाई बढ़ाने तथा ऊपर नुकीले सरियों से वेल्डिंग कराने के भी निर्देश दिए गए। पशुओं की सुविधा के लिए उन्होंने अत्यधिक गहरी पाई गई चरहियों को चार भागों में बांटकर उनकी गहराई कम करने और उनकी दीवारों को अर्धगोलाकार बनाने के निर्देश दिए ताकि पशु आसानी से चारा खा सकें। चरही के आउटलेट में स्लाइडिंग कैप लगाने तथा नालियों की गहराई कम कर स्लोप सही करने को कहा गया।

इसके साथ ही, गौशाला के शेडों में सीएफएल की जगह ट्यूबलाइट लगाने, स्टोर रूम की खिड़कियों में ऑल्टरनेट व्यवस्था के तहत एग्जॉस्ट लगाने, पूरी गौशाला का पानी बाहर निकालने के लिए इनलेट चैंबर से आउटलेट चैंबर तक 12 या 18 इंच का पाइप लगाने और ऑफिस, अस्पताल एवं सभी कमरों की खिड़कियों में मॉस्किटो जाली लगाने के निर्देश दिए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी