महापौर ने मोटरबोट से लिया बाढ़ प्रभावित तटवर्ती इलाकों का जायजा
—-नमो घाट से पुरानापुल तक विशेष नौका से निरीक्षण, आपदा प्रबंधन पर जोर
वाराणसी, 04 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निदेश पर शुक्रवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल व इलाकाई पार्षदों के साथ मोटरबोट (स्टीमर) के जरिए बाढ़ प्रभावित तटवर्ती इलाकों का विस्तृत जायजा लिया।
महापौर व नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नमो घाट से इसकी शुरूआत की। वरूणा नदी के तटवर्ती क्षेत्र कोनिया, दनियालपुर, हुकुलगंज होते हुए सरैया और पुरानापुल तक बाढ़ की स्थिति देखी। इसके बाद उन्होंने अंधरापुल स्थित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण कर वहां शरण लिए प्रभावित लोगों से सीधे बातचीत की और उनका हाल जाना। निरीक्षण के दौरान महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत शिविरों में रह रहे नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने पीने के पानी, भोजन और स्वास्थ्य जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने को कहा। महापौर ने जोर देकर कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में बेहतर प्रबंधन के साथ काम करें और हर संभव मदद पीड़ितों तक पहुंचाएं, ताकि प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को कम कर लोगों को तुरंत राहत दी जा सके। महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप, काशी के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और कल्याण के लिए नगर निगम एवं प्रशासन पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि इस आपदा की स्थिति में किसी भी परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद मदन मोहन दुबे, अशोक मौर्या, जोनल अधिकारी पवन कुमार भी मौजूद रहे। बताते चले बीते गुरूवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आई बाढ़ को लेकर जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार और महापौर अशोक तिवारी से अलग-अलग फोन से बातचीत कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया था।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

