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गंगा के चेतावनी बिंदु के पार होते ही जिला प्रशासन अलर्ट, पुलिस कमिश्नर-डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा

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गंगा के चेतावनी बिंदु के पार होते ही जिला प्रशासन अलर्ट, पुलिस कमिश्नर-डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा


गंगा के चेतावनी बिंदु के पार होते ही जिला प्रशासन अलर्ट, पुलिस कमिश्नर-डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा


एनडीआरएफ की नाव से आदि केशव घाट से सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया और सराय मोहना तक किया निरीक्षण

वाराणसी, 01 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर मंगलवार को चेतावनी बिंदु के पार पहुंचते ही जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने अपराह्न में एनडीआरएफ की नाव से गंगा और वरुणा नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर जलस्तर, जलभराव और प्रभावित आबादी की स्थिति का जायजा लेने के साथ स्थानीय लोगों से संवाद कर प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।

—आदि केशव घाट से बाढ़ प्रभावित इलाकों तक नाव से निरीक्षण

पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी गंगा-वरुणा के संगम स्थल आदि केशव घाट से आगे बढ़े और सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया तथा सराय मोहना सहित विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का नाव के माध्यम से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तटवर्ती क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति और प्रभावित लोगों की समस्याओं को मौके पर देखा। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी विभाग पूरी तरह सतर्क रहें। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पर्याप्त संख्या में नावों तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने के भी निर्देश दिए।

—पुलिस और एनडीआरएफ को सतत निगरानी के निर्देश

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।

—बाढ़ राहत शिविरों में व्यवस्थाओं का लिया जायजा

इसके बाद पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय सलारपुर, विकासखंड चिरईगांव तथा विद्या विहार इंटर कॉलेज, सलारपुर-रसूलगढ़ में स्थापित बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने शिविर में रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, बिजली, प्रकाश, शौचालय, साफ-सफाई, स्वास्थ्य और सुरक्षा की व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

—बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान

राहत शिविरों में रह रहे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की बुनियादी जरूरतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं नगर निगम और संबंधित विभागों को शिविरों में साफ-सफाई की व्यवस्था निरंतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राहत शिविरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के भी निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों में किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी