गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर वाराणसी प्रशासन सतर्क, डीएम ने तैयारियों की समीक्षा की
—बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों को लेकर दिशा—निर्देश,संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से करने की तैयारी
वाराणसी, 19 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि वर्तमान में गंगा का जलस्तर करीब 68 मीटर है। जिले में गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर, खतरे का स्तर 71.262 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 73.901 मीटर निर्धारित है। जलस्तर फिलहाल करीब पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में अगले कुछ घंटों में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर सकता है।
जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने के साथ नावों और बचाव उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रखने तथा बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, राजस्व विभाग समेत अन्य विभागों के कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाने को कहा।
उन्होंने पुलिस विभाग को राहत शिविरों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए। साथ ही, बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, प्रकाश एवं चिकित्सा सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने तटबंधों और अन्य संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी के निर्देश भी दिए। उन्होंने ऐसे स्थानों को विशेष रूप से चिन्हित करने को कहा, जहां पिछले वर्षों में दुर्घटनाएं हुई हैं। इन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ नियमित गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
—पशुओं के लिए चारा-भूसा की व्यवस्था के निर्देश
बाढ़ प्रभावित ढाब क्षेत्र में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा और भूसा उपलब्ध कराने तथा उसके व्यवस्थित वितरण के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को भूसा वितरण की निगरानी करने और पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाने को कहा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम और उच्चाधिकारियों को दी जाए। साथ ही, आमजन को समय रहते बाढ़ की स्थिति और आवश्यक सावधानियों की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सदानंद गुप्ता ने बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए की गई तैयारियों की जानकारी जिलाधिकारी को दी। इस दौरान एसडीएम सदर नितिन सिंह, कमांडेंट एनडीआरएफ, जल पुलिस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और पार्षद मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

