वाराणसी: गंगा का जलस्तर घटने के बाद मणिकर्णिका घाट पर सफाई,तलहटी से निकाले गए 100 किलो कपड़े
- गंगा तट पर कपड़े न विसर्जित करने की अपील,नदी से निकाले गए कपड़ों से बनेगा झोला
वाराणसी,22 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में गंगा नदी का जलस्तर घटने के बाद मंगलवार को मणिकर्णिका घाट पर बड़े पैमाने पर नगर निगम की ओर से सफाई अभियान चलाया गया। अभियान के तहत नदी की तलहटी से लगभग 100 किलो छोड़े गए कपड़े और कचरा निकाला गया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला तथा नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मिलकर यह विशेष अभियान चलाया। ताकि नदी के पारिस्थितिक तंत्र और जलीय जीवन को नुकसान से बचाया जा सके।
मणिकर्णिका घाट की तलहटी और किनारों से निकाले गए इन कपड़ों और पॉलिथीन को इकट्ठा करके बाहर निकाला गया। नगर निगम प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे स्नान या अनुष्ठान के बाद अपने कपड़े नदी में न छोड़ें।
गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने बताया कि गंगा में बाढ़ आने और फिर जलस्तर घटने के बाद घाटों पर भारी मात्रा में सिल्ट (गाद), प्लास्टिक और आस्था के नाम पर छोड़े गए पुराने कपड़े जमा हो जाते हैं। गंगा तटों और जल में स्नान के बाद पुराने कपड़े, पॉलिथीन या पूजन सामग्री न छोड़ने की लगातार अपील की जा रही है ताकि मां गंगा को प्रदूषण से बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि गंगा नदी हमारी जीवनदायिनी नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और पहचान का हिस्सा भी है। इसे स्वच्छ और अविरल बनाए रखने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों का सक्रिय योगदान और जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है। श्रमदान में नगर निगम के स्वच्छता कर्मचारियों ने भी भागीदारी की।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

