वाराणसी में गंगा पार महाअभियान चलाकर हटाया 1000 किलो पॉलीथिन- कचरा
-सावन की आमद और बाढ़ की आहट के बीच जीवनदायिनी गंगा को प्रदूषण के डंक से बचाने की मुहिम- पर्यटकों से की गंगा किनारे गंदगी न फैलाने की अपील
वाराणसी, 08 जुलाई (हि.स.)। सावन माह और बाढ़ की आहट के बीच वाराणसी नगर निगम जीवनदायिनी गंगा को प्रदूषण से बचाने के प्रयास में जुट गया है। बुधवार को नगर निगम व नमामि गंगे के स्वयंसेवकों की संयुक्त टीम ने गंगा पार (रेत वाले हिस्से) पर एक वृहद स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान उस पार की रेती पर फैले करीब 1000 किलो कचरा हटाया गया, ताकि जलस्तर बढ़ने पर यह गंदगी बहकर गंगा के मुख्य जलप्रवाह में न मिल सके।
श्रमदान के दौरान संयुक्त टीम ने रेत पर बिखरे कपड़े, पॉलीथिन, प्लास्टिक की बोतलें, डायपर, पूजन सामग्री और निर्माल्य को एकत्रित किया। भारी मात्रा में इकट्ठा किए गए कचरे को निगम द्वारा विशेष रूप से लगाई गई नावों में लादकर सीधे निस्तारण प्लांट की ओर रवाना किया गया। अभियान के दौरान वहां मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी जागरूक किया गया और सबका साथ हो गंगा साफ हो के नारों से पूरा किनारा गूंज उठा। इस दौरान निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा के उस पार भी अब भारी संख्या में सैलानी और पर्यटक पहुंचते हैं। हमें आत्ममंथन करने की जरूरत है कि जिस गंगा किनारे हम असीम शांति और सुकून पाते हैं, वहां हम ढेरों गंदगी छोड़ आते हैं। सदियों से पतित पावनी गंगा ने हमें सब कुछ दिया है, लेकिन बदले में हम उन्हें प्रदूषण रूपी दर्द दे रहे हैं। बाढ़ से पहले इस कचरे को हटाना बेहद जरूरी था।
इस श्रमदान और स्वच्छता अभियान में पुष्पलता वर्मा, शिवम रावत, देवेंद्र कुमार, शिवम कश्यप, अरुण कुमार, नगर निगम के सुपरवाइजर कामेश्वर सेठ, रिंकू सेठ, दिनेश चौधरी, सुनील कुमार, गोपाल, महेंद्र साहनी, हेमवती, रेखा, मंजू और लखी देवी आदि ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की।-------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

