नवागत डीसीपी गोमती जोन ने थाना प्रभारियों संग की परिचयात्मक बैठक, समीक्षा
—अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी पुलिसिंग, नियमित चेकिंग एवं सूचनातंत्र को मजबूत बनाने पर जोर
वाराणसी, 15 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट गोमती जोन की नवागत डीसीपी (पुलिस उपायुक्त) नीतू कादयान ने बुधवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। इसके बाद उन्हाेंने गोमती जोन के सभी थाना प्रभारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान समीक्षा गोष्ठी कर डीसीपी नीतू कादयान ने मातहत अफसरों को आवश्यक दिशा—निर्देश भी दिया।
बैठक के दौरान डीसीपी ने कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। और अपराध नियंत्रण, गश्त व्यवस्था, महिला सुरक्षा, यातायात व्यवस्था एवं लंबित विवेचनाओं के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के संबंध में अफसरों को निर्देशित किया। जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी, निस्तारण सुनिश्चित करने, थानों पर आने वाले फरियादियों के साथ संवेदनशील, शिष्ट एवं सहयोगात्मक व्यवहार पर जोर दिया। उन्होंने अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी पुलिसिंग, नियमित चेकिंग एवं सूचनातंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष हिदायत दी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्था में डिजिटल प्लेटफार्मों एवं तकनीकी संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग अत्यंत आवश्यक है, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, त्वरितता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से समस्त अभियोगों में एसटीडी का समयबद्ध एवं शुद्ध रूप से जनरेट करना सुनिश्चित किया जाए, जिससे विवेचनात्मक प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी या त्रुटि न हो तथा प्रत्येक प्रकरण का डिजिटल रिकॉर्ड अद्यतन एवं सटीक रहे। सभी बीट आरक्षियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बीट व्यवस्था को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाया जाए ताकि जनता एवं पुलिस के मध्य विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। यक्ष ऐप पर सभी आवश्यक प्रविष्टियों (फीडिंग) को नियमित रूप से अद्यतन किया जाए तथा इसका प्रभावी एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
उन्हाेंने थाना प्रभारियो को निर्देशित किया कि ऐप आधारित कार्यप्रणाली को गंभीरता से अपनाया जाए। न्यायालय द्वारा जारी समस्त नोटिस, सम्मन, बीडब्लू,एनबीडब्ल्यू का शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित किया जाए तथा समयबद्ध निस्तारण कर संबंधित अभियोगों में प्रगति लाई जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने मैनुअल सम्मन प्राप्त होने की प्रक्रिया कम होने पर ई-सम्मन पोर्टल की अनिवार्य रूप से जांच करने को कहा। थाना क्षेत्र में घटित किसी भी घटना की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराने,बिना किसी विलंब के मौके पर पहुंचकर आवश्यक विधिक कार्यवाही करने को कहा।
थानों पर दलालों का हस्तक्षेप न हो
डीसीपी ने थानों पर किसी भी प्रकार के बाहरी व्यक्तियों, दलालों अथवा अनधिकृत तत्वों का हस्तक्षेप पूर्णतः प्रतिबंधित करने व पारदर्शी पुलिसिंग प्रणाली को सुदृढ़ करने पर बल दिया। गो-तस्करी, अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री तथा जुआ जैसे अवैध एवं आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध कठोर, प्रभावी एवं सतत अभियान चलाने को कहा।
उन्होंने कहा कि आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर लंबित सभी प्रशिक्षणों को शीघ्र पूर्ण करने, सभी अधिकारी एवं कर्मचारी नियमित रूप से अपने प्रशिक्षण मॉड्यूल को अद्यतन करते रहें, जिससे उनकी कार्यक्षमता एवं दक्षता में निरंतर वृद्धि हो सके। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी टीम भावना के साथ कार्य करते हुए कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाएं।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

