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नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज होने पर कांग्रेस में उबाल,पदयात्रा

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नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज होने पर कांग्रेस में उबाल,पदयात्रा


—राज्यपाल को संबोधित मांगों का ज्ञापन अफसरों को सौंपा

वाराणसी, 01 सितम्बर (हि.स.)। उत्तराखंड हल्द्वानी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। मुकदमे को तत्काल निरस्त कराने की मांग को लेकर मंगलवार को वाराणसी में जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में जोरदार प्रतिरोध पदयात्रा निकाली गई।

पदयात्रा जैतपुरा थाने के समीप स्थित मां बागेश्वरी देवी मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर मैदागिन स्थित टाउनहाल गांधी प्रतिमा के लिए निकली। कुछ दूर पदयात्रा के आगे बढ़ते ही पुलिस अफसरों ने औसानगंज तिराहे पर पदयात्रा को रोक लिया। इससे नाराज कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कुछ देर नारेबाजी कर राज्यपाल को संबोधित मांगों का ज्ञापन अफसरों को सौंप दिया। इसके पहले कांग्रेस के पदयात्रा को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पदयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी साथ चल रहा था। पदयात्रा का नेतृत्व करने वाले जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल एवं महानगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि राहुल गांधी देश के उन करोड़ों लोगों की आवाज हैं, जिन्हें लंबे समय से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय से वंचित रखा गया है। वे जब भी दलित, पिछड़े, आदिवासी, गरीब और वंचित समाज के अधिकारों से जुड़े सवाल उठाते हैं, भाजपा सरकार और उसके नेता मुद्दे का जवाब देने के बजाय राहुल गांधी जी को डराने और उनकी आवाज दबाने का प्रयास करते हैं। भाजपा ध्यान भटकाने के लिए राहुल गांधी पर हर जगह मुकदमे दर्ज कराती है, लेकिन राहुल गांधी बिना डरे सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे सवालों का कोई जवाब नहीं है। इसलिए कभी एफआईआर, कभी नोटिस और कभी राजनीतिक बयानबाजी के जरिए जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाने का प्रयास किया जाता है।

—खड़गे के अपमान पर 20 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं

कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेताओं की शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो जाती है, लेकिन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान तथा जातिवादी छुआछूत एवं भेदभाव से जुड़े मामले में 20 दिन बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जाती। यह स्थिति साफ तौर पर बताती है कि भाजपा सरकार कानून को समान रूप से लागू करने के बजाय राजनीतिक सुविधा के अनुसार उसका इस्तेमाल कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी