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सीवर में बोरी प्रकरण भाजपा की साजिश का हिस्सा, अपनी नाकामी छिपाने के लिए जनता का ध्यान भटका रही डबल इंजन सरकार : अजय राय

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सीवर में बोरी प्रकरण भाजपा की साजिश का हिस्सा, अपनी नाकामी छिपाने के लिए जनता का ध्यान भटका रही डबल इंजन सरकार : अजय राय


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाने की मांग की

वाराणसी, 15 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार शाम वाराणसी की मूलभूत जनसमस्याओं, बदहाल सीवर एवं जलनिकासी व्यवस्था, जलभराव, महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा आदि को लेकर प्रदेश सरकार को घेरा।

लहुराबीर महामंडल नगर स्थित अपने आवासीय कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष ने वाराणसी में सीवर में बोरी प्रकरण को लेकर कहा कि यह मामला भाजपा की साजिश का हिस्सा है। अपनी नाकामी छिपाने के लिए जनता का ध्यान भटका रही भाजपा डबल इंजन सरकार में काशी से लेकर पूरे प्रदेश तक जनसमस्याएं बदहाल, सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब स्पेस टेक्नोलॉजी की इतनी बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, तो उसी तकनीक से अपने संसदीय क्षेत्र काशी में यह भी पता करवा लें कि सीवर में बोरी आखिर आई कहां से? अंतरिक्ष से दुनिया देखने की बात करने वाली सरकार अपने ही संसदीय क्षेत्र की जमीन पर हो रही सच्चाई क्यों नहीं देख पा रही? काशी की जनता सीवर, जलभराव और बदहाल व्यवस्था का जवाब मांग रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम और महापौर की नाकामी को छिपाने के लिए बोरी का प्रकरण खड़ा किया जा रहा है। अजय राय ने मांग की कि जिस स्थान पर यह घटना सामने आई है, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तत्काल सुरक्षित कर जांची जाए। फुटेज से यह स्पष्ट किया जाए कि बोरी वहां कौन लेकर आया, किसने उसे सीवर में डाला और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका थी।

——“सीवर और ड्रेनेज पर करोड़ों खर्च, फिर भी समस्या जस की तस”

अजय राय ने कहा कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 में ड्रेनेज और सीवर सफाई के लिए विशेष अभियान चलाए जाने की जानकारी सामने आती है। मानसून पूर्व मई-जून 2024 और 2025 में एक-एक महीने का विशेष सफाई अभियान चलाए जाने की बात कही गई। इसके अलावा अक्टूबर-नवंबर 2024 और 2025 में पुराने काशी क्षेत्र में सिल्टिंग और ब्लॉकेज हटाने का कार्य किए जाने का भी उल्लेख है। उन्होंने सवाल किया कि जब मानसून पूर्व महाअभियान चलाए गए, पुराने काशी क्षेत्र में सिल्टिंग और ब्लॉकेज हटाए गए तथा नियमित सफाई की व्यवस्था होने का दावा किया गया, तो फिर बारिश में सीवर जाम और जलभराव की समस्या बार-बार क्यों सामने आती है।

— “नगर निगम और जलकल की जिम्मेदारी अलग-अलग, जवाबदेही भी तय हो”

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि खुले नाले और नालियों की सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम की है, जबकि जमीन के नीचे मौजूद सीवर लाइनों की सफाई और रखरखाव जलकल विभाग के अंतर्गत आता है। दोनों विभागों की जिम्मेदारी स्पष्ट होने के बावजूद यदि शहर की जलनिकासी व्यवस्था बार-बार विफल होती है तो किसी एक विभाग पर जिम्मेदारी डालकर मामला खत्म नहीं किया जा सकता। दोनों विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा और जवाबदेही तय होनी चाहिए।

—“13 पुराने वार्डों के कायाकल्प के 527 करोड़ रुपये का भी हिसाब दे सरकार”

अजय राय ने पुराने काशी क्षेत्र के 13 वार्डों के कायाकल्प के लिए जल निगम और नगर निगम से जुड़ी लगभग 527 करोड़ रुपये की स्वीकृत धनराशि का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जनता को बताया जाना चाहिए कि इस राशि से कौन-कौन से कार्य किए गए, कितनी धनराशि किस मद में खर्च हुई और कार्यों की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर हुई।

—“रोपवे के नाम पर जनता के पैसे की लूट का आरोप, पूरी परियोजना की जांच हो”

रोपवे परियोजना को लेकर अजय राय ने कहा कि काशी में विकास के नाम पर बड़ी-बड़ी परियोजनाएं लाई जा रही हैं, लेकिन जनता को इनकी लागत और वास्तविक लाभ का हिसाब मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि रोपवे के नाम पर भी जनता के पैसे की लूट की जा रही है। उन्होंने परियोजना की लागत, निर्माण प्रक्रिया, ठेके, भुगतान और कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग भी की। वार्ता में जिला अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह, नेता पार्षद दल गुलशन अंसारी ,महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा आदि भी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी