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(अपडेट) माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी, कब्जाई जमीनों पर बनेंगी गरीबों की हवेलियां : योगी आदित्यनाथ

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(अपडेट) माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी, कब्जाई जमीनों पर बनेंगी गरीबों की हवेलियां : योगी आदित्यनाथ


—मुख्यमंत्री ने वाराणसी में किया स्वच्छता मित्रों का सम्मान, 10 को मंच से प्रदान किए अंगवस्त्र व उपहार

—स्वच्छता मित्रों पर पुष्पवर्षा की और उन्हें भोजन परोसा

वाराणसी, 15 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार निर्माण समेत बड़े कार्य कर सकती है लेकिन उसके संरक्षण व सुरक्षा की जिम्मेदारी जागरूक समाज व जनता की होती है। यदि जनता जागरूक नहीं है तो बड़े से बड़े निर्माण को भी धराशायी होने में देर नहीं लगती। प्रयागराज में माफिया ने जमीन पर कब्जा कर लिया था, उसे खाली कराकर सरकार गरीबों, दलितों, वंचितों के लिए हाईराइज बिल्डिंग बनाने जा रही है। यूपी में माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी में है और कब्जाई गई जमीनों पर गरीबों के लिए हवेलियां बनेंगी।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को यहां स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में नगर निगम व जल निगम के स्वच्छता मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने स्वच्छता मित्रों पर पुष्पवर्षा की और उन्हें भोजन भी परोसा। कबीरचौरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित इस समारोह में जन-कल्याणकारी कार्यों के संदर्भ में लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता मित्र स्थानीय सांसद एवं विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'स्वच्छ काशी' मिशन को धरातल पर उतार रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मी नींव के पत्थर हैं, जो दिखते नहीं हैं लेकिन इमारत इसी पर खड़ी होती है। सर्दी, गर्मी, बरसात, आंधी-तूफान, त्योहार में भी स्वच्छता मित्र सड़कों पर उतरकर समाज को स्वच्छ वातावरण देते हैं। पहले आपका माहौल उत्सवमय करते हैं और अंत में अपने बच्चों का त्योहार मनवाते हैं। कुछ लोग अपने कृत्यों व कारनामों से गंदगी फैलाते हैं, लेकिन बड़ा तबका अपने पुरुषार्थ व परिश्रम से आमजन को स्वच्छ वातावरण देता है। स्वच्छता कर्मियों के कारण ही प्रयागराज महाकुंभ स्वच्छ, दिव्य-भव्य हो पाया था। वहां 66 करोड़ श्रद्धालु आए और सभी ने स्वच्छता की प्रशंसा की।

अविनाशी काशी का कायाकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी बदल चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अविनाशी काशी का कायाकल्प हुआ है। जिस काशी की संकरी गलियों में 2014 से पहले गंदगी का अंबार था। सड़कों पर गोवंश व सांड़ घूमते थे। बिजली के लिए तरसना पड़ता था। बदहाल घाट, जाम और गंदगी काशी की पहचान और नियति बन चुकी थी। 2017 से पहले माफिया काशी में गरीब, व्यापारी की जमीन पर कब्जा कर भय फैलाते थे। अब काशी नई आभा, नए कलेवर के साथ आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए बढ़ रही है।

देश को परिवार मानने वाले ही ला सकते परिवर्तन

मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर तंज कसा कि मंथरा बुद्धि वालों की दुर्गति किसी से छिपी नहीं है। हर जागरूक नागरिक का दायित्व है कि सच के साथ खड़े हों, सत्य को धरातल पर उतारें और सुरक्षा-संरक्षण की जिम्मेदारी लें। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि को भी जागरूक होना चाहिए। जब जनप्रतिनिधि ही 12 बजे सोकर उठेगा और परिवार को ही समाज व प्रदेश मानने की भूल करेगा तो दुर्गति तय है। जिन लोगों ने समाज, प्रदेश व देश को परिवार माना, वही परिवर्तन ला सकते हैं।

कराया जिम्मेदारी का अहसास

मुख्यमंत्री ने आमजन को जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए कहा कि हम प्रकृति से ले रहे हैं लेकिन दे क्या रहे हैं। ऐसे में शुद्ध पर्यावरण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मिशन ‘एक पेड़ मां के नाम’ सबसे उपयुक्त है। इस अभियान में चार अलग-अलग कार्यक्रम (स्वच्छता मित्रों का सम्मान, पर्यावरण शुद्धता, सरकार के निर्माण कार्यों का संरक्षण व जागरूकता) सभी के लिए प्रेरक हैं।

संवाद से ही निकलता है समस्या का समाधान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि समस्या का समाधान सिर्फ संवाद है। नगर निगम, विकास प्राधिकरण, स्थानीय प्रशासन व शासन के विभिन्न विभाग इस अभियान का हिस्सा बनते हैं। कार्य करने के लिए हर कोई तैयार है। कार्य लेने वाला चाहिए। हर चीज में शिकायती लहजा नहीं होना चाहिए। कार्य कराने की प्रवृत्ति भी होनी चाहिए। ऐसे कार्यक्रम अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणा हैं।

स्वच्छ भारत अभियान ने देश को दिलाई नई पहचान

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान को सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा कर देश को नई पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा दुनिया के लिए उदाहरण बनी है। स्वच्छ भारत अभियान के पहले गांवों, गलियों की स्थिति अत्यंत खराब थी। झाड़ू उठाकर सफाई करने वालों को सम्मान भी नहीं मिलता था। काम करने के बावजूद उनका पैसा काट दिया जाता था।

स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने यूपी में तय किया है कि स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। हम मानदेय की गारंटी दे रहे हैं। अब यूपी आउटसोर्स निगम काम कर रहा है। 16 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय मिलना चाहिए। ईएसआई के तहत उपचार के लिए हॉस्पिटल की सुविधा मिलनी चाहिए। कार्मिकों को सुरक्षा बीमा मिलेगा, ताकि हादसे पर परिवार के लोग लाचार न हों। पीएफ भी कटेगा। सेवानिवृत्त होने पर उसके पास खुद की पूंजी होगी और बैंक से इस पर ब्याज भी मिलेगा, जिससे वह बच्चों पर आश्रित नहीं होगा।

इसके पहले अतिथियों का स्वागत वाराणसी शहर दक्षिण के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र दयालु, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह, भाजपा के महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने 10 स्वच्छता मित्रों का किया सम्मान

समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वच्छता मित्र वसीम, रोहित रावत, राजकुमार, पूर्णमासी, आशुतोष, दिनेश, सुनील, रेखा, अल्पना, चिंता देवी को माला पहनाकर, अंगवस्त्र व उपहार देकर मंच पर सम्मानित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी